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केरल में बाढ़ से तबाही का मंजर बरकरार. 38 लोगों की मौत, 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

केरल (Kerala) में भारी बारिश और लैंडस्लाइड (Kerala Rain And Landslide) की घटनाएं जारी है. जैसे ही केरल के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बारिश कम हुई, कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि उनके घरों का कोई निशान नहीं बचा है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के मुताबिक केरल में 12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक बारिश से होने वाली मौतों की संख्या 38 है. वहीं, दक्षिणी राज्य में आगे भी तूफानी मौसम होने की संभावना जताई जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार से प्रभावी 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया, साथ ही गंभीर मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की है.

कोक्कयार में एक बचाव दल ने तीन वर्षीय सचू साहुल का शव बरामद किया, जबकि दो लापता लोगों की तलाश जारी है. कोट्टायम के कवाली और प्लापल्ली में दो अलग-अलग भूस्खलन में 12 लोगों के मारे जाने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई, जबकि तीन बाढ़ के पानी में बह गए. कवाली के सेंट मैरी चर्च में सोमवार को तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के छह लोगों को दफनाते हुए दिल दहला देने वाला दृश्य देखा गया.

बाढ़ में एक घर के बह जाने का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उसके मालिक, केपी जेबी, एक निजी बस चालक ने कहा कि उसकी 25 साल की बचत कुछ ही सेकंड में गायब हो गई. हालांकि, घर में अचानक आई बाढ़ में बह जाने से वह और उसके परिवार के सदस्य बच गए थे लेकिन, उनकी सालों की कमाई को पानी का सैलाब बहा ले गया. उन्होंने कहा कि वह परेशान हैं अब उन्हें शुरू से अपनी जिंदगी की शुरूआत करनी होगी.

बाढ़ और भूस्खलन ने इडुक्की में मुंडाकायम क्षेत्र के कई निवासियों को बेघर कर दिया. हालांकि सोमवार को बारिश थम गई, लेकिन कई बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में अभी भी बारिश हो रही है, जिससे जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. अधिकारियों ने 10 बांधों में रेड अलर्ट जारी किया है. पठानमथिट्टा जिले में कक्की और पंबा बांधों के स्लुइस गेट खोले गए. राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने पठानमथिट्टा में एक समीक्षा बैठक के बाद कहा कि पंबा और अन्य नदियों में जल स्तर बढ़ने के कारण सबरीमाला पहाड़ी मंदिर की तीर्थयात्रा रोक दी गई है.

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