देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्षीय कार्यकाल में उत्तराखंड ने निवेश के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। लंबे समय तक निवेश आकर्षित करने की चुनौतियों से जूझते रहे राज्य ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन के माध्यम से न केवल रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव हासिल किए, बल्कि उनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारकर निवेशकों का भरोसा भी मजबूत किया।
धामी सरकार की सबसे बड़ी आर्थिक उपलब्धियों में गिने जा रहे वैश्विक निवेशक सम्मेलन ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर नई मजबूती के साथ स्थापित किया। सरकार का दावा है कि निवेश प्रस्तावों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने के लिए लगातार निगरानी और समीक्षा की गई।
दिसंबर 2023 का सम्मेलन बना टर्निंग पॉइंट
उत्तराखंड में निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में भी कई प्रयास हुए, लेकिन दिसंबर 2023 में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन राज्य के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिसने राज्य के इतिहास में नया रिकॉर्ड कायम किया।

इस महत्वाकांक्षी आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष महत्व मिला। सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए, जबकि बाद में रुद्रपुर में आयोजित ग्राउंडिंग समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया।
एक लाख करोड़ की परियोजनाएं पहुंचीं जमीन पर
सम्मेलन के बाद सरकार ने निवेश प्रस्तावों को क्रियान्वित करने के लिए विभागीय स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की। उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल, निवेशक हितैषी नीतियां और बेहतर कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई।
सरकार के अनुसार अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो चुकी है। यानी इन परियोजनाओं पर वास्तविक कार्य शुरू हो गया है। शेष निवेश प्रस्तावों को भी चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की प्रक्रिया जारी है।
सिंगल विंडो सिस्टम बना बड़ी ताकत
औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली के जरिए आवश्यक अनुमतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं निवेश परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते रहे, जिससे लंबित मामलों के समाधान में तेजी आई।
सरकारी तंत्र की सक्रियता का असर यह रहा कि कई निवेशकों ने निर्धारित समय से पहले ही अपनी परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया।
इन क्षेत्रों में मिला सबसे ज्यादा निवेश
वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, पर्यटन, स्वास्थ्य, औषधि निर्माण, आयुष, उद्यानिकी और आवास क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
इनमें विनिर्माण क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां सबसे अधिक निवेश परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने लगे हैं।
ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार बने निवेश के केंद्र
औद्योगिक निवेश के मामले में ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार जिले राज्य के सबसे प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। दोनों जिलों में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरी तरह संचालित होने के बाद रोजगार, औद्योगिक उत्पादन और राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।

एक लाख करोड़ की ग्राउंडिंग पर मनाया गया उत्सव
राज्य में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की सफल ग्राउंडिंग के बाद रुद्रपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इस उपलब्धि का उत्सव मनाया गया।
इस दौरान अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। सरकार का दावा है कि इसी भरोसे और बेहतर कारोबारी माहौल के कारण निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।




