उत्तर प्रदेशराज्य

7 हजार की नौकरी और 2 करोड़ का टैक्स! UP के टीचर को मिला GST का नोटिस, पैन कार्ड के जरिए हुआ खेला तो उड़ गए होश

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। जहां एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले मामूली शिक्षक को जीएसटी (GST) विभाग ने करीब 2 करोड़ रुपये टैक्स जमा करने का नोटिस थमा दिया है। इतनी बड़ी रकम का नोटिस देखकर शिक्षक के पैरों तले जमीन खिसक गई है।

क्या है पूरा मामला?
मामला डुमरियागंज तहसील के भरवाठिया मुस्तकहम गांव का है। जहां के रहने वाले ओम प्रकाश वर्मा एक प्राइवेट टीचर हैं और महीने में महज 6 से 7 हजार रुपये कमाते हैं। 10 फरवरी को उनके घर डाक से एक सरकारी नोटिस पहुंचा। जब उन्होंने उसे खोलकर पढ़ा, तो उनके होश उड़ गए। नोटिस में उन्हें 1,99,42,313 रुपये (करीब 2 करोड़) का टैक्स बकाया चुकाने का आदेश दिया गया था।

पैन कार्ड से बनाई गईं फर्जी कंपनियां
घबराए हुए ओम प्रकाश ने जब सेल टैक्स डिपार्टमेंट और पुलिस से संपर्क किया, तो एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि किसी जालसाज ने ओम प्रकाश के पैन कार्ड (PAN Card) का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर दो अलग-अलग फर्में (कंपनियां) रजिस्टर्ड करा रखी हैं। ओम ट्रेडर्स: यह कंपनी नई दिल्ली में रजिस्टर्ड है। वर्मा इंटरप्राइजेज: यह कंपनी यूपी के फर्रुखाबाद में रजिस्टर्ड है। दस्तावेजों के मुताबिक, दिल्ली स्थित ‘ओम ट्रेडर्स’ ने पिछले साल 11 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा लेन-देन किया था। इसी कारोबार का जीएसटी न भरने के कारण विभाग ने असली पैन कार्ड धारक ओम प्रकाश को नोटिस भेज दिया।

‘साहब, मैं गरीब आदमी हूं’
पीड़ित ओम प्रकाश का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं चला कि कब उनके दस्तावेजों का चोरी-छिपे इस्तेमाल कर लिया गया। उन्होंने बताया कि मैं एक गरीब आदमी हूं, इतनी बड़ी रकम तो मैंने कभी सपनों में भी नहीं देखी। मुझे बेवजह फंसाया जा रहा है। पीड़ित ने डुमरियागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है और नौगढ़ स्थित टैक्स कमिश्नर के दफ्तर में भी गुहार लगाई है। फिलहाल अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं कि आखिर इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन सा सिंडिकेट काम कर रहा है।

Related Articles

Back to top button