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नाश्ते में फल का नहीं करना चाहिए सेवन, वरना सेहत में हो सकती है ये बड़ी गड़बड़

नई दिल्ली : बहुत से लोगों को नाश्ते में फ्रूट्स खाना काफी ज्यादा पसंद होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं नाश्ते में खाली पेट फ्रूट्स खाना आपके लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है. आयुर्वेद के अनुसार सुबह 6 से 10 बजे के बीच का समय कफ काल होता है. इस दौरान हमारा पाचन तंत्र काफी धीरे काम करता है और यही सबसे बड़ा कारण है कि खाली पेट फलों का सेवन नहीं करना चाहिए. सुबह के समय फलों का सेवन करने से आपको सर्दी, जुकाम, ठंड लगना जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

आयुर्वेद के अनुसार फल मीठे, खट्टे और कसैले स्वाद के साथ कच्चे और ठंडे होते हैं. फलों में कफ के समान गुण होते हैं और खाली पेट इनका सेवन करने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसके अलावा फलों में फाइबर और फ्रक्टोज होता है, जिन्हे खाली पेट खाने से पाचन तंत्र और भी ज्यादा धीरे काम करने लगता है.

नाश्ते में फलों से परहेज करने का एक प्रमुख कारण यह है कि सुबह के समय हमारा पाचन तंत्र काफी धीरे काम करता है, ऐसे में अगर आप ठंडी चीजों का सेवन करते हैं तो आपके पाचन तंत्र पर इसका बुरा असर पड़ता है. आयुर्वेद के मुताबिक, नाश्ता ऐसा होना चाहिए जो गर्म हो और आसानी से पच जाए. ऐसे में खिचड़ी या फिर दलिया को नाश्ते के लिए परफेक्ट माना जाता है.

अगर आप उन लोगों में से हैं जिनका नाश्ता फलों के बिना अधूरा रहता है तो नाश्ते में फल खाते समय उसमें दालचीनी या सौंठ जैसे मसाले मिलाकर खाएं. इसके अलावा एक बात का ख्याल रखें कि फलों का सेवन मौसम को देखकर करें. अगर सुबह से सय में मौसम ठंडा है तो इस दौरान फल खाने से बचें.

फलों को ना करें मिक्स- हमारे शरीर के अंदर फल किसी भी अन्य भोजन की तुलना में तेजी से टूटते हैं. फलों को जब अन्य चीजों के साथ मिलाया जाता है, तो इससे शरीर में कई तरह के विषाक्त पदार्थों बनने लगते हैं जो पाचन को काफी ज्यादा धीरे कर सकते हैं. कभी भी मीठे फलों को खट्टे फलों के साथ नहीं खाना चाहिए. इसकी बजाय, मीठे फलों को मीठे फल के साथ और खट्टे फलों को खट्टे फल के साथ ही खाना चाहिए.

फल खाने के तुरंत बाद पानी पीना- ना सिर्फ बच्चे लेकिन बहुत से बड़ी उम्र के लोग भी फल खाने के तुरंत बाद पानी पी लेते हैं. फल खाने के तुरंत बाद पानी पीने से पाचन तंत्र का पीएच लेवल असंतुलित होने लगता है, खासतौर पर जब आप ऐसे फलों का सेवन करते हैं जिनमें पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है जैसे तरबूज,खरबूज, खीरा, संतरा आदि. ऐसा इसलिए है क्योंकि बहुत सारे पानी वाले फल आपके पेट की एसिडिटी को कम करके पीएच बैलेंस को बदल सकते हैं.

छिलके उतार कर फल खाना- फल का सबसे फायदेमंद हिस्सा उसका छिलका होता है. छिलके में कई जरूरी विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. लेकिन बहुत से लोग ऐसे है जो फलों का छिलका उतारकर उसका सेवन करते हैं. जिससे उनको कोई भी फायदे नहीं मिल पाते.

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