उत्तर प्रदेशराज्य

कुत्तों का आतंक! 7 साल की बच्ची को नोच-नोच कर मार डाला, डेढ़ महीने पहले के हमले के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

Lucknow News: राजधानी के रहीमाबाद इलाके से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। जहां तरौना गांव में रविवार शाम आवारा कुत्तों के झुंड ने एक 7 साल की बच्ची पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा है।

खेत गई थी मासूम, कुत्तों ने बना लिया शिकार
मिली जानकारी के मुताबिक, किसान दिलीप की 7 वर्षीय बेटी अंशिका रविवार शाम करीब 5:30 बजे घर से बाहर निकली थी। जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव से करीब 500 मीटर दूर एक खेत में अंशिका का क्षत-विक्षत शव मिला। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो कुत्तों का वह हिंसक झुंड शव के पास ही मौजूद था। मासूम का शरीर बुरी तरह नोचा जा चुका था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही रहीमाबाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्रिगुनायक पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

क्यों आदमखोर बन रहे हैं ये कुत्ते?
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बाहरी हिस्से में स्थित बबूल के जंगलों में अक्सर मृत जानवरों के शव फेंके जाते हैं। इन शवों का मांस खाकर कुत्ते हिंसक और आदमखोर हो गए हैं। अब ये झुंड इंसानों और मासूम बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं।

प्रशासन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह पहली घटना नहीं है। करीब डेढ़ महीने पहले भी इसी झुंड ने बकरी चरा रही एक महिला और मवेशियों पर हमला किया था। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी इस खतरे के बारे में आगाह किया था, लेकिन नगर निगम या स्थानीय प्रशासन ने कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी लापरवाही की कीमत आज एक मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

मातम में डूबा तरौना गांव
अंशिका की मौत के बाद उसकी मां सोनी और पिता दिलीप का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है, लेकिन साथ ही लोगों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि उनके बच्चे अब अपने ही खेतों में सुरक्षित नहीं हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन हिंसक कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए और गांव के पास मांस फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

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