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दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत की तैयारी, बजट में सड़क परियोजनाओं को मिलेगा बड़ा सहारा

नई दिल्ली। राजधानी में लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही ट्रैफिक जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क परिवहन से जुड़ी छह से अधिक बड़ी ढांचागत परियोजनाओं को आगामी बजट में फंड मिलने की संभावना है। इन योजनाओं पर फिलहाल व्यवहार्यता अध्ययन जारी है और बजट में मंजूरी मिलते ही इनके निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।

यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने पर फोकस
सरकार जिन प्रमुख परियोजनाओं पर काम करने जा रही है, उनमें सोनिया विहार फ्लाईओवर, पहाड़गंज स्थित देशबंधु गुप्ता रोड एलिवेटेड कॉरिडोर, चंदगीराम अखाड़ा लालबत्ती फ्लाईओवर, केशोपुर डिपो अंडरपास और आईटीओ के लाल रामचरण अग्रवाल चौक फ्लाईओवर शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

47 किलोमीटर क्षेत्र होगा सिग्नल फ्री
राजधानी की व्यस्त सड़कों को जाम से मुक्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने आठ प्रमुख मार्गों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर की संभावनाओं का अध्ययन कराया है। इन योजनाओं के तहत करीब 47 किलोमीटर लंबे हिस्से को सिग्नल फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यातायात सुगम हो सके।

देशबंधु गुप्ता रोड पर बड़ा एलिवेटेड कॉरिडोर
इस योजना के तहत पहाड़गंज के अजमेरी गेट से देव नगर तक करीब सात किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव है। इसके निर्माण से इस मार्ग पर पड़ने वाली सात लालबत्तियां समाप्त हो जाएंगी। वर्तमान में इस क्षेत्र में दिनभर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अंडरपास और फ्लाईओवर से जाम पर लगेगा ब्रेक
शादीपुर डिपो के सामने अंडरपास बनाने की योजना भी तैयार की गई है। इसके अलावा आईटीओ चौराहे से विकास मार्ग और तिलक मार्ग से बहादुर शाह जफर मार्ग तक जाम की समस्या को कम करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं। पूर्वी दिल्ली में नानकसर गुरुद्वारा टी-प्वाइंट से सोनिया विहार तक फ्लाईओवर निर्माण की तैयारी भी की जा रही है।

एनजीटी से मांगी गई मंजूरी
इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण से मंजूरी मांगी है। चंदगीराम अखाड़ा फ्लाईओवर परियोजना लंबे समय से चर्चा में रही है, लेकिन अब इस पर तेजी से काम होने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं न्यू रोहतक रोड पर ईदगाह से आनंद पर्वत तक एलिवेटेड रोड बनाने की योजना भी तैयार है, जिसका उद्देश्य सराय रोहिल्ला और आनंद पर्वत क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव को कम करना है।

दो से तीन साल में पूरी होंगी प्रमुख परियोजनाएं
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। आगामी बजट में सड़क परिवहन से जुड़ी कई परियोजनाओं को वित्तीय समर्थन मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि ये योजनाएं अगले दो से तीन वर्षों में धरातल पर उतरेंगी और राजधानी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देंगी।

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