
नकली जज और 20 दिन का Digital Arrest! Greater Noida के बुजुर्ग से ठगे करोड़ों, रूह कंपा देगी ये दास्तां
Greater Noida: साइबर ठगों ने ठगी का एक ऐसा जाल बुना कि एक रिटायर्ड कारोबारी अपनी ही गाढ़ी कमाई के एक करोड़ से अधिक रुपए गंवा बैठा। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर निवासी 72 वर्षीय दिलीप कुमार दास को शातिर ठगों ने करीब 20 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और डरा-धमकाकर उनसे कुल 1,29,61,962 रुपए हड़प लिए।
कैसे शुरू हुआ ठगी का यह खूनी खेल?
वारदात की शुरुआत 6 फरवरी को एक अनजान फोन कॉल से हुई। कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी एजेंसी का बड़ा अधिकारी बताया। ठग ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि आपके नाम पर एक सिम कार्ड जारी हुआ है, जिसका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में हो रहा है। अगर आप सहयोग नहीं करेंगे, तो आप पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और आप जेल जाएंगे।
नकली कोर्ट रूम और वर्दी वाला नाटक
बुजुर्ग को पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के लिए ठगों ने वीडियो कॉल का सहारा लिया। पीड़ित को डराने के लिए एक नकली सेटअप तैयार किया गया। वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति जज बनकर बैठा था। दूसरा व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रहा था। पीड़ित को यकीन दिलाया गया कि उन पर गंभीर केस चल रहा है और जांच पूरी होने तक उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ (फोन कॉल चालू रखकर घर में ही रहना) में रहना होगा।
5 किस्तों में लूटी जीवन भर की कमाई
जांच और ‘वेरिफिकेशन’ के नाम पर ठगों ने बुजुर्ग से पैसे ट्रांसफर करवाए। डरे हुए पीड़ित ने 13 फरवरी से 26 फरवरी के बीच कुल 5 किस्तों में पैसे भेजे:-
- पहली किस्त: 51.95 लाख रुपए
- दूसरी किस्त: 48.95 लाख रुपए
- तीसरी किस्त: 10.95 लाख रुपए
- चौथी किस्त: 17.20 लाख रुपए
- पांचवीं किस्त: 56,962 रुपए
सुप्रीम कोर्ट के नाम पर भेजे फर्जी दस्तावेज
ठगी के बाद भी पीड़ित को शक न हो, इसलिए ठगों ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट और मुंबई पुलिस के नाम से फर्जी नो ड्यूज सर्टिफिकेट (No Dues Certificate) और लेटर भेजे। जब काफी समय तक पैसे वापस नहीं मिले, तब 12 मार्च को पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की चेतावनी: क्या करें और क्या न करें?
सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीपी साइबर सेल शैव्या गोयल ने जनता से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस वीडियो कॉल पर ‘अरेस्ट’ नहीं करती और न ही पैसे मांगती है। अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल पर वर्दी या कोर्ट रूम देखकर न डरें। यदि कोई दबाव बनाए, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।



