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उत्तर प्रदेश में मजबूत होगी ट्रामा केयर व्यवस्था, हर मंडल में बनेंगे लेवल-वन सेंटर और 5000 बेड का विस्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में ट्रामा और इमरजेंसी केयर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत सभी पांच साल पुराने मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग खोला जाएगा और प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अत्याधुनिक लेवल-वन ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। हाईवे और ऐसे इलाके जहां दुर्घटनाओं की अधिक आशंका है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेयी सायंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए दी।

ट्रामा सेंटर और बेड क्षमता में बड़ा विस्तार

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के एमबीबीएस डॉक्टरों को ट्रामा केयर में दक्ष बनाने के लिए छह माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को डिप्लोमा या सर्टिफिकेट के रूप में मान्यता दी जाएगी ताकि डॉक्टरों की विशेषज्ञता को औपचारिक पहचान मिले। प्रशिक्षण अनुभवी ट्रामा विशेषज्ञ करेंगे और नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को भी नियमित रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।

केजीएमयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी प्रो. प्रेमराज सिंह ने कहा कि अगले पांच साल में ट्रामा और इमरजेंसी सेवाओं के लिए लगभग 5000 अतिरिक्त बेड विकसित किए जाएंगे। इसमें आईसीयू और वेंटिलेटर बेड भी शामिल होंगे, जिससे गंभीर दुर्घटना और मरीजों का त्वरित इलाज संभव होगा।

सुरक्षा और यातायात नियमों पर जोर

डा. वीके पाल ने कहा कि मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जाए और इसका पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो। सड़क हादसों को कम करने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।

डॉक्टरों का संवेदनशील रवैया जरूरी

ब्रजेश पाठक ने कहा कि डॉक्टर अपने मरीजों को परिवार का सदस्य मानकर इलाज करें। केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि सहानुभूति और संवेदनशील व्यवहार भी मरीज के इलाज में अहम भूमिका निभाते हैं। आयुर्वेद, होम्योपैथिक और एलोपैथिक उपचार के साथ सिम्पैथी भी मरीज को जल्दी ठीक करने में मदद करती है।

कार्यशाला में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ

कार्यशाला में चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, नीति आयोग के सदस्य डा. बीके पाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद, चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक सारिका मोहन, विशेष सचिव कृतिका सिंह और नीलम यादव, उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. पवन कुमार, केजीएमयू ट्रामा सेंटर के सीएमएस प्रो. प्रेमराज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनबी सिंह और डा. केके सिंह उपस्थित रहे।

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