
रांची। आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड भाजपा की नई कमेटी जल्द ही गठित की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व ने औपचारिक रूप से निर्देश दे दिया है। बंगाल चुनाव 2026 के परिणामों के बाद प्रदेश भाजपा की नई टीम का ऐलान किया जाएगा। संगठन में शामिल होने वाले नेताओं के नामों पर केंद्रीय नेतृत्व से अंतिम विचार-विमर्श होगा।
अनुभवी और नए चेहरे दोनों को संगठन में शामिल करने का सुझाव
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि संगठन में पुराने अनुभवी नेताओं के साथ नए और युवा चेहरों को भी शामिल किया जाना चाहिए। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में शहरों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण संगठन में सुधार और नए रणनीतिक बदलाव पर जोर दिया जा रहा है।
जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं को अवसर, पुराने पदों में बदलाव
नई टीम में जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को रांची में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। साथ ही पिछले कई साल से संगठन में प्रदेश महामंत्री और उपाध्यक्ष पद पर कार्य कर रहे नेताओं की जगह अनुभवी नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। आदित्य साहू केंद्रीय नेतृत्व से जातीय समीकरण को साधने के संबंध में भी विचार-विमर्श करेंगे।
पूर्व विधायकों और सांसदों की संभावित वापसी
नई टीम में कुछ पूर्व विधायक और सांसदों को भी शामिल करने की योजना है। चर्चा के अनुसार, पूर्व विधायक अनंत ओझा, बिरंची नारायण और रणधीर सिंह नई टीम में शामिल हो सकते हैं। चतरा के पूर्व सांसद सुनील सिंह को संगठन की बेहतर समझ के कारण जिम्मेदारी दी जा सकती है। मौजूदा विधायकों में नीरा यादव और मंजू कुमारी को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर पार्टी की सेकेंड लाइन लीडरशिप तैयार करने की तैयारी है।
मोर्चा और प्रकोष्ठ में भी होंगे नए नाम
प्रदेश भाजपा अपने विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों में नए नामों को शामिल करेगी। ओबीसी मोर्चा में किसी तेज़तर्रार नेता को जगह दी जाएगी। युवा मोर्चा में रांची में रहने वाले किसी सक्रिय नेता को शामिल किया जाएगा, जो सरकार के खिलाफ आंदोलन में भाग ले। एसटी मोर्चा में अशोक बड़ाइक जैसे नामों पर चर्चा चल रही है।
इस तरह झारखंड भाजपा की नई टीम में अनुभवी और युवा नेताओं का संतुलित संगम देखने को मिलेगा, जिससे संगठन को मजबूती और अगले चुनावों के लिए रणनीतिक बढ़त मिलेगी।



