उत्तर प्रदेश

मॉरीशस के 26 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गौतमबुद्ध नगर में समझा प्रशासन का मॉडल, विकास और योजनाओं पर हुआ विस्तृत संवाद

गौतमबुद्ध नगर में मंगलवार को मॉरीशस के 26 सदस्यीय सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने शैक्षणिक और प्रशासनिक भ्रमण के दौरान जिले की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। प्रतिनिधिमंडल ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद कर प्रशासनिक ढांचे, कार्यशैली और योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी हासिल की।

जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने प्रतिनिधिमंडल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और जिले की प्रशासनिक व्यवस्था से उन्हें अवगत कराया।

जिले की प्रशासनिक संरचना और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि जिला प्रशासन शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की अहम कड़ी है। उन्होंने राजस्व प्रशासन, विभागीय समन्वय, आपदा प्रबंधन, चुनावी प्रक्रिया और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि जिले में सदर, दादरी और जेवर तहसील के साथ बिसरख, दादरी और जेवर विकास खंड संचालित हैं, जबकि छह नगर निकाय भी सक्रिय हैं। बहुस्तरीय प्रशासनिक व्यवस्था के तहत विभिन्न पदों के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जाता है।

ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दे रहा है। जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की दी जानकारी
मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम पोषण योजना, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों का चयन कर योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाता है।

पुलिस व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
संवाद के दौरान जिले की प्रशासनिक और पुलिस प्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में तीन विकास प्राधिकरण कार्यरत हैं, जो विकास कार्यों की निगरानी करते हैं। साथ ही यहां पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है, जिसके अंतर्गत पुलिसिंग के साथ फायर सेफ्टी की जिम्मेदारी भी शामिल है। साइबर सुरक्षा को लेकर उप निरीक्षक बलजीत सिंह ने साइबर अपराधों की रोकथाम और जागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की।

दोनों देशों के बीच अनुभवों का हुआ आदान-प्रदान
बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच प्रशासनिक अनुभव साझा किए गए। सुशासन को मजबूत करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

प्रतिनिधिमंडल को भेंट किए गए स्मृति चिन्ह
कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी ने मॉरीशस के प्रतिनिधिमंडल को “एक जनपद एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत तैयार स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, डिप्टी कलेक्टर वेद प्रकाश पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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