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ईपीएफओ 3.0 के तहत कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, आइए जानते हैं

नई दिल्‍ली : अक्‍सर ईपीएफओ (EPFO) सर्विसेज को लेकर कर्मचारियों की शिकायत देखी गई है कि उन्‍हें क्‍लेम (Claim) करने में देरी होती है, ज्‍यादा पेपरवर्क और कंपनी (Company) के ऊपर ज्‍यादा निर्भरता रहती है. इन्‍हीं सभी परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार (Government) EPFO 3.0 लेकर आ रही है, जो जल्‍द ही लॉन्‍च हो सकता है, जिसके बाद PF का एक्‍सेस पूरी तरह से आसान हो जाएगा.

आपका क्‍लेम फटाफट सेटल होगा, पेपरवर्क बहुत कम हो जाएगा और नियोक्‍ता पर निर्भरता भी घट जाएगी. आप आसानी से ATM और UPI की मदद से पैसे की निकासी कर सकते हैं. EPFO 3.0 खासतौर पर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन के सिस्‍टम का एक डिजिटल अपडेट है, जो मैन्‍युअल काम को कम करने और लाखों कस्‍टमर्स के लिए सर्विस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में सुधार करने के लिए डिजाइन किया गया है. आने वाले महीनों में इसको पूरी तरह से चालू किया जा सकता है, जिसमें से कई सुविधाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं और अन्‍य पर काम चल रहा है.

सबसे बड़े बदलावों में से एक दावा क्‍लेम सेटलमेंट को लेकर है. ईपीएफओ ने दावों के ऑटो सेटलमेंट का विस्तार किया है और इसकी सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है. विड्रॉल रिक्‍वेस्‍ट का एक बड़ा हिस्‍सा अब ऑटोमैटिक रूप से अप्रूव किया जा रहा है, जिससे समय की बचत हो रही है और मैन्‍युअल अप्रूवल की आवश्‍यकता कम हो रही है.

इस बदलाव से नियोक्‍ताओं पर निर्भरता भी कम हो रही है. पहले नौकरी बदलने पर PF अकाउंट में पैसा ट्रांसफर के लिए अक्‍सर कंपनी के अपूवल की आवश्‍यकता होती थी, जिससे देरी होती थी. नए सिस्‍टम के तहत KYC अनुपालन वाले अकाउंट्स के लिए ऐसे कई ट्रांसफर ऑटोमैटिक तरीके से किए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों को अपने फंड को आसानी से ट्रांसफर करने की सुविधा मिल रही है.

नए डेवलपमेंट के तहत एक अन्‍य महत्‍वपूर्ण सुविधा डिजिटल पेमेंट सिस्‍ट के माध्‍यम से पीएफ निकालने की क्षमता है. ईपीएफओ यूपीआई के माध्‍यम से विड्रॉल को सक्षम करने पर काम कर रहा है, जिससे मौजूदा प्रॉसेस की तुलना में पैसा सीधे बैंक अकाउंट में बहुत तेजी से जमा को सकेगी.

इसके साथ ही क्‍लेम फाइल करने, ट्रैक करने और निकासी जैसी सेवाओं को सुव्‍यवस्थित करने के लिए एक नया मोबाइल ऐप पेश किए जाने की उम्‍मीद है, जिससे फिजिकल पेपरवर्क या ऑफिस जाने की आवश्‍यकता और भी कम हो जाएगी.

ईपीएफओ 3.0 के तहत पेंशन सिस्‍टम को भी यूनिफाइड किया जा रहा है. लाभार्थियों के लिए पेंशन का तेजी से और ज्‍यादा समान वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से यूनिफाइड पेंशन पेमेंट सिस्टम पहले ही सभी कार्यालयों में लागू की जा चुकी है. पीएफ बचत तक पहुंच में देरी, तकनीकी गड़बड़ियों और प्रशासनिक अड़चनों को लेकर सालों से मिल रही शिकायतों के बाद सुधार की मांग उठाई गई है.

ऑटोमैटिक और डिजिटल वेरिफिकेशन की ओर बढ़ते हुए, सरकार इस सिस्‍टम को पारंपरिक नौकरशाही के बजाय बैंकिंग प्लेटफॉर्म की तरह कार्य करने का प्रयास कर रही है. हालांकि, अभी सभी सुविधाएं पूरी तरह से चालू नहीं हुई हैं. UPI बेस्‍ड विड्रॉल जैसी सर्विस और नए डिजिटल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के कुछ हिस्से अभी भी शुरू किए जा रहे हैं, और सिस्टम अभी भी बदलाव के दौर में है.

सैलरी कर्मचारियों के लिए, इन बदलावों का मतलब इमरजेंसी के दौरान पैसे तक तुरंत पहुंच, नौकरी बदलते समय खातों में पैसा ट्रांसफर की सुगमता और नियोक्ताओं या मध्यस्थों पर कम निर्भरता हो सकती है. साथ ही आसान पहुंच से पीएफ के यूज के तरीके में भी बदलाव आ सकता है, क्‍योंकि यह चिंता बनी हुई है कि बार-बार विड्रॉल से लॉन्गटर्म रिटायरमेंट सेविंग प्रभावित हो सकती है.

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