अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में लगातार उछाल

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहने की आशंका ने आपूर्ति बाधित होने की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे तेल बाजार में दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.63 फीसदी बढ़कर 111.97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.81 फीसदी चढ़कर 100.74 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। हालांकि बाद में इसमें हल्की नरमी भी देखी गई और ब्रेंट 111.12 डॉलर तथा WTI 99.32 डॉलर के आसपास ट्रेड करता रहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से ईरान के शिपिंग और ऊर्जा निर्यात पर लंबी अवधि की नाकेबंदी की तैयारी करने को कहा है। यह कदम तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
घरेलू वायदा बाजार में भी कच्चे तेल में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्रूड ऑयल करीब 0.88 फीसदी यानी 84 रुपये टूटकर 9,401 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
तेल की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह Strait of Hormuz को लेकर बनी अनिश्चितता है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा संभालता है, और यहां जारी प्रतिबंधों से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में जारी घटनाक्रम के बावजूद ऊर्जा संकट का कोई त्वरित समाधान नजर नहीं आ रहा है। उनका मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति नकारात्मक साबित हो सकती है।



