
बरेली में उर्स से लौटते वक्त मौलाना तौसीफ रजा की संदिग्ध मौत, पत्नी को फोन पर जताया था जान का खतरा; जांच की मांग तेज
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मौलाना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बिहार के किशनगंज जिले के रहने वाले मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी की मौत ने इलाके में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उर्स में शामिल होने बरेली पहुंचे थे मौलाना
जानकारी के मुताबिक, मौलाना तौसीफ रज़ा 24 और 25 तारीख को आयोजित उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने के लिए बरेली आए थे। इसी दौरान बरेली कैंट इलाके में उनका कुछ लोगों से विवाद होने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मौलाना ने अपनी पत्नी को फोन कर स्थिति की जानकारी दी और पुलिस को सूचित करने के लिए कहा।
फोन बंद होने के बाद मिला शव
परिजनों के अनुसार, फोन पर बातचीत के कुछ समय बाद मौलाना का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद बरेली कैंट क्षेत्र के पास उनका शव बरामद किया गया। परिवार का दावा है कि उनके पास उस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें मौलाना ने अपनी जान को खतरा बताया था।
इलाके में आक्रोश, सच्चाई सामने लाने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोग लगातार इस मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि यह साधारण मौत नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर कई राजनीतिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। नेताओं ने इसे गंभीर घटना बताते हुए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
साथ ही, राज्य सरकार और प्रशासन से अपील की गई है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाया जाए।
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है, जिनके जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। परिजनों और स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।



