
यूपी में शहरी गरीबों को बड़ा तोहफा, PM आवास योजना-शहरी के तहत 63 हजार से ज्यादा मकानों को मंजूरी, 55 जिलों की डीपीआर पास
लखनऊ में सोमवार को आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृत एवं निगरानी समिति की बैठक में प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत बड़ा फैसला लिया। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहरी गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
बैठक में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 55 जिलों के 225 नगरीय निकायों के लिए तैयार की गई 63,433 आवासों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद प्रदेश में योजना के दायरे में आने वाले हजारों पात्र परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
समय सीमा में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के अंतर्गत स्वीकृत सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
12 परियोजनाओं के लिए अगली किश्त जारी करने को मंजूरी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के एएचपी घटक की 12 परियोजनाओं के लिए केंद्रांश की अगली किश्त जारी कराने संबंधी कार्रवाई रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी गई। यह रिपोर्ट थर्ड पार्टी क्वालिटी मॉनिटरिंग रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई थी, जिसे समिति ने मंजूरी प्रदान कर दी।
प्रदेश में स्वीकृत आवासों की संख्या 3.68 लाख के पार
अधिकारियों के मुताबिक नई स्वीकृतियों के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में कुल स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 3,68,138 हो जाएगी। इससे शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और गति मिलेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



