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UP को डेयरी हब बनाने की तैयारी, योगी सरकार का बड़ा मास्टर प्लान; किसानों को मिलेगा 50% तक अनुदान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को डेयरी उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वदेशी गायों के संरक्षण और दूध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने व्यापक डेयरी मास्टर प्लान तैयार किया है। सरकार की इस रणनीति के तहत किसानों और पशुपालकों को डेयरी यूनिट स्थापित करने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्यभर में चार प्रमुख योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्वदेशी पशुधन को बढ़ावा देना है। सरकार की इस पूरी रणनीति को ‘ऑपरेशन-4’ के रूप में देखा जा रहा है।

चार योजनाओं के जरिए बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन

सरकार जिन योजनाओं पर काम कर रही है उनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शामिल हैं।

इन योजनाओं के तहत दो से लेकर 25 गायों तक की डेयरी इकाइयों की स्थापना पर किसानों को लाखों रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि सरकार उन्नत स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।

डेयरी यूनिट लगाने पर मिलेगा 50% तक अनुदान

सरकार की योजनाओं के तहत डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए विशेष वित्तीय मॉडल तैयार किया गया है। इसमें 15 प्रतिशत लाभार्थी का निवेश, 35 प्रतिशत बैंक ऋण और 50 प्रतिशत तक सरकारी सब्सिडी शामिल है।

सरकार का मानना है कि इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय शुरू करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत दो गायों की यूनिट पर 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

उच्च दूध उत्पादन पर प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत अधिक दूध देने वाली स्वदेशी गायों का पालन करने वाले पशुपालकों को 10 हजार से 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इससे एक तरफ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी तो दूसरी ओर स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार विशेष रूप से गिर, साहीवाल और गंगातीरी जैसी उन्नत स्वदेशी नस्लों के संवर्धन पर फोकस कर रही है।

महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार

सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिलाओं और युवाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत अब तक 1500 से अधिक इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। वहीं प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत 7500 से ज्यादा पुरस्कार वितरित किए गए हैं।

इसके अलावा नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 72 और मिनी नंदिनी योजना के तहत 245 डेयरी इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने लगी है।

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