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काईट विवि गाजियाबाद में 44 छात्रों के प्रवेश निरस्तीकरण पर आजाद अधिकार सेना ने की बहाली की मांग

44 विद्यार्थियों का प्रवेश यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि उनके अंक 60 प्रतिशत से कम हैं।

Ghaziabad News : काईट विश्वविद्यालय गाजियाबाद में 44 छात्रों के प्रवेश निरस्तीकरण पर आजाद अधिकार सेना ने उठाए गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच एवं प्रवेश बहाली की मांग की है।
12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद निरस्त का मामला
गाजियाबाद स्थित काईट विश्वविद्यालय में बीटेक पाठ्यक्रम के लगभग 44 विद्यार्थियों का प्रवेश 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद निरस्त किए जाने का मामला गंभीर चिंता एवं छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इस संबंध में देवेन्द्र सिंह राणा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, आजाद अधिकार सेना द्वारा उच्च शिक्षा प्राधिकरणों एवं संबंधित अधिकारियों को औपचारिक शिकायती पत्र प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
प्रवेश हेतु 12वीं कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार अनेक विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित होने से पूर्व विश्वविद्यालय में बी.टेक पाठ्यक्रम हेतु प्रवेश लिया था। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को किसी भी नियम पुस्तिका, ब्रोशर, वाउचर, प्रवेश सूचना अथवा अन्य लिखित दस्तावेज में यह स्पष्ट रूप से अवगत नहीं कराया गया कि प्रवेश हेतु 12वीं कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे।
प्रवेश शुल्क सहित समस्त निर्धारित फीस भी जमा
विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रवेश लिया तथा प्रवेश शुल्क सहित समस्त निर्धारित फीस भी जमा कर दी। किन्तु 12वीं के परिणाम घोषित होने के पश्चात विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगभग 44 विद्यार्थियों का प्रवेश यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि उनके अंक 60 प्रतिशत से कम हैं।
अभिभावकों पर आर्थिक एवं मानसिक दबाव
इस मामले को लेकर देवेन्द्र सिंह राणा ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि यदि 60 प्रतिशत अंकों की पात्रता शर्त प्रवेश के समय स्पष्ट एवं लिखित रूप में घोषित नहीं की गई थी, तो बाद में प्रवेश निरस्त करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। ऐसी कार्रवाई न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि अभिभावकों पर आर्थिक एवं मानसिक दबाव भी उत्पन्न करती है।
उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए
शिकायत में मांग की गई है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान लागू पात्रता शर्तों, विश्वविद्यालय द्वारा जारी नियमों तथा प्रचारित मानकों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि यह पाया जाता है कि उक्त शर्त प्रवेश के समय स्पष्ट रूप से घोषित नहीं की गई थी, तो निरस्त किए गए विद्यार्थियों के प्रवेश तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल किए जाएं तथा जांच पूर्ण होने तक विद्यार्थियों के हितों को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
देवेन्द्र सिंह राणा ने इस संबंध में महामहिम कुलाधिपति, प्रवेश एवं शुल्क नियामक प्राधिकरण, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी गाजियाबाद सहित संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप एवं न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।

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