
होमगार्ड विभाग के आधुनिकीकरण पर सीएम योगी का फोकस, 41 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड विभाग की समीक्षा बैठक में संगठन को आधुनिक, प्रशिक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को सभी योजनाओं और सुधारात्मक पहलों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जनसेवा का महत्वपूर्ण आधार है, जिसे बदलती चुनौतियों के अनुरूप और अधिक सक्षम बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहयोगी के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा और जनजागरूकता अभियानों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। आधुनिक संसाधनों और बेहतर प्रशिक्षण के जरिए उनकी कार्यक्षमता को और मजबूत किया जा सकता है।
सीपीआर और फर्स्ट एड प्रशिक्षण होगा अनिवार्य
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी होमगार्ड जवानों को अनिवार्य रूप से सीपीआर और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उन्हें गोल्डन ऑवर के महत्व की भी जानकारी दी जाए, ताकि किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में वे समय रहते प्रभावी सहायता प्रदान कर सकें।
उन्होंने कहा कि पुलिस और होमगार्ड के जवान किसी भी घटना में सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं, इसलिए उनकी सतर्कता और प्रशिक्षण कई लोगों की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
63 साल पुराने संगठन में 67 हजार से अधिक होमगार्ड सक्रिय
समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में कुल 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 67,971 होमगार्ड विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
विभाग कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पुलिस बल को सहयोग देने, सार्वजनिक सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और लोककल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में 3,812 होमगार्डों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा 1,091 स्वयंसेवकों को अग्निशमन बचाव और 425 को बाढ़ राहत कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
41,424 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी, सितंबर में आएगा परिणाम
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि 41,424 रिक्त पदों पर नामांकन प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है।
भर्ती का अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में जारी किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिनों का आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अनुशासित और पेशेवर होमगार्ड बल के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है।
भत्तों और सुविधाओं में हुआ बड़ा सुधार
बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण भत्ते को बढ़ाकर ड्यूटी भत्ते के बराबर कर दिया गया है। इसके अलावा प्रत्येक होमगार्ड को हर तीन वर्ष में 3,000 रुपये का वर्दी भत्ता देने की व्यवस्था लागू की गई है।
अंतरजनपदीय ड्यूटी के दौरान मिलने वाले दैनिक भोजन भत्ते को भी 30 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
104 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम जारी
मुख्यमंत्री ने विभागीय आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि लगभग 104.80 करोड़ रुपये की लागत वाली 20 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को नई मजबूती मिल सके।
मृतक होमगार्डों के परिवारों को मिल रही आर्थिक सहायता
होमगार्ड कल्याण योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सेवाकाल में किसी स्वयंसेवक की मृत्यु होने पर उसके नामित आश्रित को 5 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाती है।
दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में कुल 157.65 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं अप्रैल 2022 से अब तक 125 दिवंगत स्वयंसेवकों के आश्रितों को विभिन्न बीमा योजनाओं के माध्यम से 30 लाख से 45 लाख रुपये तक की सहायता प्राप्त हुई है।
अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान विकसित करने की तैयारी
बैठक में केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को राज्य स्तरीय आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की भी जानकारी दी गई। इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, आधुनिक परेड ग्राउंड, फिजिकल ट्रेनिंग क्षेत्र, छात्रावास, भोजनालय, डिजिटल पुस्तकालय, ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म और सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन को आधुनिक, अनुशासित, तकनीक-सक्षम और जनसेवा के लिए सदैव तैयार बल के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी योजनाओं को तय समयसीमा में लागू करने के निर्देश दिए।



