छत्तीसगढ़राज्य

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत इंदौर से, जुलाई से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक, इंटरसिटी और अंतरराज्यीय बसें

भोपाल: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस संचालन की विस्तृत रूपरेखा को मंजूरी दी गई। योजना के प्रथम चरण में इंदौर संभाग से बस संचालन शुरू किया जाएगा, जबकि पीएम ई-बस सेवा के तहत इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसों को भी जुलाई से सड़क पर उतारने की तैयारी है।

इंदौर बनेगा प्रदेशव्यापी परिवहन मॉडल का पहला केंद्र

बैठक में प्रस्तुत किए गए खाके के अनुसार पूरे मध्य प्रदेश को इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा सहित सात परिवहन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा का संचालन सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से शुरू होगा। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) को इंदौर संभाग से संचालित होने वाली बस सेवाओं की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

तीन श्रेणियों में संचालित होंगी बस सेवाएं

योजना के तहत इंदौर क्षेत्र में तीन अलग-अलग श्रेणियों में बसों का संचालन प्रस्तावित किया गया है। पहली श्रेणी में इंदौर को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से जोड़ने वाली इंटरसिटी बसें शामिल होंगी। दूसरी श्रेणी में शहर और उपनगरीय क्षेत्रों तक सिटी बस सेवाएं चलाई जाएंगी। वहीं तीसरी श्रेणी में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए अंतरराज्यीय बसों का संचालन किया जाएगा।

इंदौर क्षेत्र में 1688 बसें चलाने की तैयारी

प्रस्ताव के मुताबिक इंदौर क्षेत्र से प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए 121 मार्गों पर 608 बसों का संचालन किया जाएगा। वहीं शहर और उपनगरीय क्षेत्रों के लिए 28 मार्गों पर 784 बसें संचालित होंगी, जिनमें पीएम ई-बस सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल रहेंगी। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के लिए 101 अंतरराज्यीय मार्गों पर 276 बसें चलाई जाएंगी। इस प्रकार इंदौर क्षेत्र में कुल 250 मार्गों पर 1688 बसें संचालित करने की योजना बनाई गई है।

प्रदेशभर में 1164 मार्गों पर दौड़ेंगी 5206 बसें

प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों से कुल 1164 मार्गों की पहचान की गई है। इन मार्गों पर विभिन्न श्रेणियों की कुल 5206 बसों का संचालन प्रस्तावित है। बसों का संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में संचालित निजी बसों के परमिट और संचालन व्यवस्था पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

1190 नए पदों को मिली मंजूरी

योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में कुल 1190 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों को अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। राज्य स्तरीय कंपनी में सूचना प्रौद्योगिकी, योजना एवं अनुबंध, नीति एवं अनुसंधान, मानव संसाधन, अधोसंरचना, प्रवर्तन एवं गुणवत्ता तथा बिजनेस डेवलपमेंट सहित सात विभाग कार्य करेंगे।

सुरक्षा और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस

बसों के सुरक्षित संचालन और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस एवं विशेष सशस्त्र बल के अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति या संविदा पर नियुक्ति की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा बसों की गुणवत्ता और सेवा मानकों की निगरानी के लिए अलग गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि बस मार्गों पर यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को संबंधित कलेक्टरों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सातों शहरों में कार्यरत परिवहन कंपनियों की वित्तीय देनदारियों के संबंध में भी युक्तिसंगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।

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