छत्तीसगढ़राज्य

खरीफ सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत, खाद-बीज की समय पर उपलब्धता से बढ़ा उत्साह

रायपुर: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं और किसानों को समय पर खाद, बीज तथा उर्वरकों की उपलब्धता से बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के चलते प्रदेशभर में कृषि आदान सामग्री की आपूर्ति सुव्यवस्थित तरीके से की जा रही है। इससे किसानों को खेती की तैयारियों में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

राज्य सरकार द्वारा कृषि संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने से किसान आगामी फसल सीजन को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। बेहतर प्रबंधन और सरल वितरण व्यवस्था के कारण किसानों में संतोष का माहौल है और वे समय पर बुवाई की तैयारी कर रहे हैं।

फसल विविधीकरण की ओर बढ़ रहे किसान

कोरबा जिले के ग्राम झगरहा के किसान रामरतन निकुंज तथा दादरखुर्द के कृषक लकेश्वर सिंह और अंजनी राठिया खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत सहकारी समिति सोनपुरी पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री प्राप्त की।

करीब 5 से 7 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले ये किसान कृषि को अपनी आजीविका का प्रमुख साधन मानते हैं। धान की पारंपरिक खेती के साथ-साथ वे मूंगफली और सब्जियों की खेती कर फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें।

खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता से मिली राहत

किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही सहकारी समिति में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित कर दिया गया था। इसके चलते उन्हें कृषि सामग्री के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ा।

उन्होंने ढैंचा और मूंग के बीज के साथ आवश्यक उर्वरकों का उठाव किया। किसानों का कहना है कि समय पर कृषि आदान सामग्री मिलने से खेती की तैयारियां व्यवस्थित रूप से पूरी हो रही हैं और बुवाई की योजना बनाने में आसानी हो रही है।

सरल और पारदर्शी रही वितरण प्रक्रिया

कृषकों के अनुसार समिति में खाद-बीज वितरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुगम रही। इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि किसानों को अनावश्यक परेशानियों से भी राहत मिली।

उन्होंने बताया कि हरित खाद और वैकल्पिक फसलों के प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है, जिससे टिकाऊ कृषि पद्धतियों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

नैनो डीएपी और नैनो यूरिया से बेहतर परिणाम

किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए वे नई तकनीकों और उन्नत उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।

कृषकों ने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन उर्वरकों से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी तरीके से प्राप्त हुए हैं। इससे उत्पादन क्षमता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।

किसान हितैषी व्यवस्थाओं से बढ़ा भरोसा

किसानों ने सरकार द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि समय पर खाद, बीज और उर्वरक मिलने से खेती की योजना बनाना आसान हो गया है। इससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हुआ है और आगामी खरीफ फसल को लेकर किसानों का भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है।

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