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मालवीय नगर हादसे के बाद सख्त हुई दिल्ली सरकार, अवैध इमारतों पर चला बुलडोजर, कई प्रतिष्ठान सील

नई दिल्ली : दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर और सैदुलाजाब में हुए दर्दनाक हादसों के बाद दिल्ली सरकार अवैध निर्माणों और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई में जुट गई है। राजधानी के कई इलाकों में अवैध इमारतों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करने और सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि भवन निर्माण नियमों और लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अवैध इमारतों पर चला बुलडोजर, सीलिंग अभियान शुरू

शुक्रवार को चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत दक्षिण दिल्ली में कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। इसके साथ ही संबंधित इमारतों को पूरी तरह बंद कराने के लिए सीलिंग की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि जिन भवनों में सुरक्षा मानकों और लाइसेंस नियमों की अनदेखी की गई है, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

मालवीय नगर के कई होटल प्रशासन के रडार पर

निगम अधिकारियों के मुताबिक मालवीय नगर क्षेत्र में कई होटलों के खिलाफ सीलिंग कार्रवाई शुरू की गई है। इससे पहले 12 ऐसे होटलों की पहचान की गई थी, जो लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करते पाए गए। जांच में सामने आया कि जिन प्रतिष्ठानों ने केवल चाय-नाश्ते का लाइसेंस लिया था, वहां नियमों के विपरीत अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

रोहिणी में तीन प्रतिष्ठानों पर ताला

दिल्ली नगर निगम के रोहिणी जोन के जन स्वास्थ्य विभाग ने भी लाइसेंसिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। रोहिणी सेक्टर-3 में निरीक्षण के दौरान तीन प्रतिष्ठान बिना आवश्यक अनुमति के गतिविधियां संचालित करते पाए गए।

इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि ये प्रतिष्ठान स्वीकृत व्यापार लाइसेंस की शर्तों से परे जाकर संचालन कर रहे थे।

नियम तोड़ने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई

निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों में सख्त प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा।

करावल नगर में भी ध्वस्तीकरण अभियान

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर इलाके में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की गई। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों के अनुसार साकेत समेत अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान आगे जारी रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर उठे सवाल

शहरी मामलों के जानकार और एमसीडी की निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष जगदीश ममगांई ने कहा कि करीब दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी को रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहे भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए थे। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो कुछ हादसों को रोका जा सकता था।

उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही राजधानी की इमारतों का तकनीकी परीक्षण कर उनकी संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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