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स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’, सड़क पर नमाज पर रोक; शुभेंदु सरकार के 30 दिन का रिपोर्ट कार्ड सामने, बंगाल में बड़े बदलावों की लहर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार को एक महीने पूरे हो गए हैं। शुरुआती 30 दिनों में ही राज्य में बड़े प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव देखने को मिले हैं। इस अवधि में स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य किए जाने, सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक, BSF को 142 एकड़ जमीन आवंटित करने और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने जैसे फैसले चर्चा में रहे हैं। इसके साथ ही टाटा ग्रुप की संभावित वापसी को लेकर भी राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

पहले महीने में बड़े प्रशासनिक फैसलों की झड़ी
कोलकाता: सरकार के पहले 30 दिनों में शिक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करने और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के फैसले ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। वहीं सुरक्षा और विकास से जुड़े फैसलों में BSF को जमीन आवंटन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना शामिल है।

संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक हलचल
कोलकाता: सरकार के गठन के बाद राज्य की राजनीति में भी तेज बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कई नेताओं के दल बदलने और नई राजनीतिक समीकरणों की चर्चा के बीच सत्ताधारी दल को लेकर हलचल तेज हो गई है। कुछ नेताओं के अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों में शामिल होने की खबरों ने राज्य की सियासत को और गर्म कर दिया है।

मेदिनीपुर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक
कोलकाता: सरकार के एक महीने पूरे होने पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मेदिनीपुर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलास्तरीय विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण, सड़क परियोजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई।

विधायकों और सांसदों ने उठाए स्थानीय मुद्दे
कोलकाता: बैठक में जून मालिया ने मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी और जलजमाव की समस्या उठाई। वहीं सुइली साहा ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और 100 दिन की रोजगार योजना में तेजी की मांग रखी। देव अधिकारी ने युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप योजनाओं पर जोर दिया।

15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
कोलकाता: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि मेदिनीपुर की सांस्कृतिक विरासत और विकास दोनों सरकार की प्राथमिकता में हैं। बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

शपथ के बाद पहला बड़ा प्रशासनिक कार्यकाल
कोलकाता: शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित हुआ था, जहां राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। इससे पहले वे 2021 से 2026 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे थे।

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