21 करोड़ की साइबर ठगी में बड़ा खुलासा: भाजपा नेता के खाते में पहुंचे 50 लाख रुपये, जांच में खुली 20 हजार खातों की कड़ी

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के अब तक के सबसे बड़े साइबर ठगी मामलों में राज्य साइबर पुलिस को अहम सफलता मिली है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने शाजापुर निवासी और भाजपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है।
218 दिनों तक भरोसा जीतकर 21 करोड़ से ज्यादा की ठगी
राज्य साइबर पुलिस के अनुसार ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी के शिकार हुए। दिसंबर 2025 में एक महिला ने फोन के जरिए उनसे संपर्क किया और दोस्ती बढ़ाने के बाद क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा दिया। करीब 218 दिनों तक विश्वास में लेने के बाद पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये जमा कराए गए। जब उन्होंने निवेश की रकम वापस निकालने का प्रयास किया तो उनसे और पैसे जमा करने की मांग की गई। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने राज्य साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
भाजपा नेता के खाते में पहुंचे 50 लाख रुपये
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये का लेनदेन जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में हुआ था। इसके बाद यह राशि कई अन्य खातों में भेज दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर ग्वालियर लाया और अदालत से रिमांड लेकर पूछताछ शुरू की।
76 खातों में 106 बार भेजी गई रकम, 20 हजार से ज्यादा खातों तक पहुंचा पैसा
जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार पीड़ित ने 76 अलग-अलग बैंक खातों में 106 बार रकम ट्रांसफर की थी। इसके बाद यह धनराशि 15 अलग-अलग स्तरों से गुजरते हुए 20 हजार से अधिक बैंक खातों तक पहुंचाई गई। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
आरोपी के खाते में मिले ढाई करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन
पुलिस के मुताबिक आरोपी जगदीश कुमार मालवीय भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है। वह भाजपा से जुड़ा होने के साथ ही खुद को एक सामाजिक संगठन का प्रदेश स्तर का पदाधिकारी भी बताता है। जांच में उसके बैंक खाते में ढाई करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। इसके अलावा यह भी पता चला है कि वह हाल ही में बैंकॉक की यात्रा कर चुका है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसका बैंक खाता अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
कर्नाटक और तमिलनाडु तक पहुंची जांच
राज्य साइबर पुलिस के निरीक्षक मुकेश नारोलिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस की टीमें कर्नाटक और तमिलनाडु भेजी गई हैं। जांच एजेंसियां म्यूल अकाउंट्स और पूरे साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।



