
“यूपी में बिहार-बंगाल जैसी बेईमानी हुई तो भविष्य में चुनाव ही नहीं होंगे” — अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि अगर बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे चुनावी हालात उत्तर प्रदेश में भी बने, तो भविष्य में यहां चुनाव कराना ही मुश्किल हो जाएगा।
कासगंज में जनसभा के दौरान बयान
अखिलेश यादव कासगंज के सोरों गेट स्थित उर्मिला गार्डन के उद्घाटन के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में कथित रूप से बेईमानी हुई है और यदि यही स्थिति यूपी में दोहराई गई तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो जाएंगे।
BJP पर चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप
एसपी प्रमुख ने कहा कि भाजपा चुनावी व्यवस्था को अपने राजनीतिक हितों के अनुसार ढालना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा की संरचना को इस तरह बदलने की कोशिश हो रही है कि विपक्षी दलों के लिए जीतना मुश्किल हो जाए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा महिलाओं के आरक्षण जैसे मुद्दों पर भी राजनीति कर रही है।
वोटर लिस्ट और आरक्षण को लेकर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर वोटर लिस्ट से पीडीए वर्ग के मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई, हालांकि विपक्ष सतर्क है। उन्होंने कहा कि समाज के पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और आरक्षण व्यवस्था पर भी असर डाला जा रहा है।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर कथित फर्जी मुठभेड़ों की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
योगी आदित्यनाथ पर भी साधा निशाना
एसपी प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से पहले क्षेत्र की पहचान को लेकर जो दावे किए जाते हैं, वे गलत हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में विकास कार्य हुए, जबकि मौजूदा सरकार में महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ा है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और दवाओं की कमी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है, जबकि शराब की दुकानों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं।



