अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा का हाईटेक कवच! हर श्रद्धालु की होगी रियल-टाइम ट्रैकिंग, भोपाल से भी बनेगा विशेष कंट्रोल रूम

भोपाल: आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस बार कई आधुनिक और तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। यात्रा के दौरान प्रत्येक पंजीकृत यात्री की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आरएफआईडी आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे उनकी लोकेशन और आवाजाही की निगरानी की जा सकेगी।
यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आरएफआईडी कार्ड लेना अनिवार्य किया गया है। यह कार्ड यात्रा शुरू होने से पहले निर्धारित केंद्रों से जारी किए जाएंगे। इसके जरिए यात्रियों की रियल-टाइम लोकेशन, ट्रैकिंग और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।
घोड़े, खच्चर और पालकी संचालकों को भी मिलेगा क्यूआर कोड
यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने वाले घोड़ा, खच्चर, पालकी और अन्य सहयोगी कर्मियों को भी क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे। श्रद्धालु इन क्यूआर कोड को स्कैन कर संबंधित व्यक्ति की पहचान और अन्य जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे यात्रा के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।
भोपाल से जाने वाले जत्थों के लिए बनेगा कंट्रोल रूम
भोपाल से अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले विभिन्न धार्मिक मंडलों ने भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इसके तहत एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां सभी यात्रियों का रिकॉर्ड और यात्रा संबंधी जानकारी उपलब्ध रहेगी। यात्रा मार्ग पर मौजूद प्रतिनिधि लगातार कंट्रोल रूम के संपर्क में रहेंगे।
व्हाट्सएप क्यूआर कोड से परिवारों को मिलेगी जानकारी
यात्रा में शामिल प्रत्येक जत्थे के लिए अलग व्हाट्सएप क्यूआर कोड तैयार किया जाएगा। यदि किसी कारणवश किसी यात्री से परिवार का संपर्क टूट जाता है, तो परिजन क्यूआर कोड स्कैन कर संबंधित समूह से जुड़ सकेंगे और यात्री की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। खराब मौसम या नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में यह व्यवस्था काफी मददगार साबित होगी।
युवाओं की टीम संभालेगी जिम्मेदारी
यात्रा में बड़ी संख्या में पहली बार शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। अनुभवी यात्रियों और मंडल के पदाधिकारियों की टीम नए श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करेगी। यात्रा से पहले उन्हें योग, प्राणायाम और शारीरिक अभ्यास भी कराया जा रहा है ताकि वे कठिन यात्रा के लिए तैयार रह सकें।
आरएफआईडी कार्ड के बिना नहीं मिलेगी आगे बढ़ने की अनुमति
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना आरएफआईडी कार्ड किसी भी यात्री को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कार्ड जम्मू, पहलगाम, बालटाल समेत विभिन्न केंद्रों से उपलब्ध होंगे। इनमें मौजूद ट्रैकिंग सिस्टम आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने में मदद करेगा।
स्थानीय सेवा प्रदाताओं का होगा सत्यापन
यात्रा मार्ग पर कार्यरत ड्राइवरों, दुकानदारों, पिट्ठुओं, पालकी संचालकों और खच्चर मालिकों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद उन्हें क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु उनकी पहचान और विवरण आसानी से जांच सकेंगे।



