15 अगस्त नहीं, 11 अगस्त को मनेगा स्वतंत्रता दिवस! उज्जैन के इस मंदिर की अनोखी परंपरा, ज्योतिषाचार्य ने बताई वजह

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित बड़े गणेश मंदिर में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के बजाय 11 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिर से जुड़े ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह आयोजन वर्षों से वैदिक पंचांग की तिथि के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार भारत को जिस तिथि पर आजादी मिली थी, वह श्रावण कृष्ण चतुर्थी थी और इस वर्ष यह तिथि 11 अगस्त को पड़ रही है। इसी कारण मंदिर में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन चार दिन पहले किया जाएगा।
सालों पुरानी परंपरा के तहत मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस
महाकाल मंदिर के समीप स्थित बड़े गणेश मंदिर में स्वतंत्रता दिवस तिथि के अनुसार मनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मंदिर के पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य पंडित अक्षत व्यास के अनुसार इस परंपरा का ऐतिहासिक आधार भी है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता का शुभ मुहूर्त उनके पूर्वज ज्योतिषाचार्य पंडित सूर्यनारायण व्यास ने निकाला था। इसी परंपरा को आज भी मंदिर में निभाया जा रहा है।
वैदिक पंचांग के अनुसार मनाने की बताई वजह
पंडित अक्षत व्यास का कहना है कि दीपावली, होली, रक्षाबंधन और दशहरा जैसे सभी प्रमुख पर्व हर वर्ष वैदिक पंचांग की तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस को केवल अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख के आधार पर मनाना उचित नहीं माना जाता। इसी सोच के तहत बड़े गणेश मंदिर में वर्षों से स्वतंत्रता दिवस का आयोजन उस तिथि पर किया जाता है, जिस दिन देश स्वतंत्र हुआ था।
11 अगस्त को होंगे धार्मिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम
मंदिर में 11 अगस्त को विशेष धार्मिक और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद भगवान बड़े गणेश को तिरंगा अर्पित किया जाएगा और राष्ट्रीय ध्वज का पूजन होगा। महाआरती के बाद वंदे मातरम् और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की जय और जय हिंद के नारों के बीच मंदिर के शिखर पर तिरंगा फहराया जाएगा।



