मध्य प्रदेशराज्य

अटल जी का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण, CM मोहन यादव ने किया प्रतिमा का अनावरण

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के महान पुरोधा थे। उन्होंने देश को विकास और सुशासन की नई दिशा दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति और राष्ट्रजीवन का गौरव हैं और उनका जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा है। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देते रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र स्थित एक निजी प्रतिष्ठान के परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने निजी प्रतिष्ठान के मोनो का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी शुचिता और विनम्रता की प्रतिमूर्ति थे और उनके राष्ट्रवाद तथा सुशासन के आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

देशसेवा और राजनीतिक शुचिता को बताया अटल जी की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का पूरा जीवन देशसेवा और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके व्यक्तित्व में लोककल्याण और राजनीतिक शुचिता प्रमुख रहे। राजनीति में शुचिता, विचारों में दृढ़ता और व्यवहार में सौम्यता उनके व्यक्तित्व की पहचान थी।

डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने सत्ता और विपक्ष, दोनों में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी यह सीख आज भी प्रासंगिक है कि सत्ता आती-जाती रहती है और सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन देश और लोकतंत्र बने रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने सत्ता में रहते हुए आचरण और विपक्ष में रहते हुए राजनीतिक मर्यादा का पालन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अटल जी ने विपक्ष में रहते हुए लंबे समय तक विपक्ष के नेता का दायित्व निभाया। आपातकाल के दौर में लोकतंत्र पर हुए प्रहार के दौरान उन्होंने करीब 19 महीने जेल में बिताए थे।

डॉ. यादव ने कहा कि जब राष्ट्र पर संकट आता है तो भारतीय राजनीति में दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होने की परंपरा रही है। उन्होंने बांग्लादेश युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और सरकार को अटल जी के समर्थन का भी उल्लेख किया।

‘सत्ता आती-जाती रहती है, देश और लोकतंत्र बने रहना चाहिए’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल जी के संसदीय जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संसद में सत्ता और सरकारों के बदलने से अधिक देश तथा लोकतंत्र के कायम रहने को महत्व दिया था। मुख्यमंत्री ने इसे भारतीय लोकतंत्र की गरिमा और अटल जी के व्यक्तित्व का प्रमाण बताया।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि अटल जी ने सरकार के नेता के साथ-साथ विपक्ष के नेता की भूमिका और उससे जुड़े दायित्वों का भी उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने निजी प्रतिष्ठान के स्वामी त्रिलोकी अग्रवाल का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने परिसर में अटल जी की प्रतिमा स्थापित कर समाज को उनके प्रेरणादायी जीवन से जोड़ने का कार्य किया है।

कप्तान सिंह सोलंकी ने अटल जी के योगदान को किया याद

कार्यक्रम में मौजूद पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के मुख्य सेवक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं को देश का प्रधान सेवक मानते हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के बिना जनसेवा संभव नहीं है और जनसेवा से सुशासन स्थापित होता है।

सोलंकी ने कहा कि यहां अटल जी की प्रतिमा के साथ उनके विचारों और जीवन से जुड़ी प्रेरणा का भी स्मरण हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल जी के लिए राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि रहा। देश को जोड़ने के लिए उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग योजना को आगे बढ़ाया और गांव-गांव को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम किया। सूखे की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने नदियों को आपस में जोड़ने का विचार भी रखा था।

सोलंकी ने कहा कि अटल जी के लिए भारत एक जीवंत राष्ट्रपुरुष था। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में भारत की जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ रही है और उनके अनुसार यह चीन तथा अमेरिका से भी अधिक है।

कार्यक्रम में मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष अशोक कड़ेल, पूर्व विधायक शिशुपाल सिंह यादव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आयुक्त कुमार पुरुषोत्तम, निजी प्रतिष्ठान के अजय कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निजी प्रतिष्ठान परिसर में स्थापित डिजिटल प्रिंटिंग मशीनों का भी अवलोकन किया।

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