बागपत में अनधिकृत निर्माणों एवं अवैध कॉलोनियों पर गरजा योगी का बुलडोजर
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण क्षेत्र में प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा।
Baghpat News: बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण द्वारा अनधिकृत निर्माणों एवं अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत तहसील बड़ौत क्षेत्र में प्रभावी कार्यवाही की गई। इन अवैध कॉलोनियों पर योगी का बुलडोजर गरजा।
बिना मानचित्र अवैध निर्माण किया
प्राधिकरण द्वारा प्राप्त सूचना एवं जांच के उपरांत पाया गया कि अमर पाल, निवासी बड़ौत द्वारा लगभग 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना सक्षम प्राधिकारी से मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण कार्य किया जा रहा था। उक्त निर्माण उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के विपरीत पाए जाने पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करते हुए अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कराया गया।
ले-आउट स्वीकृति एवं अन्य अनुमतियां अनिवार्य
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण क्षेत्र के समस्त भू-स्वामियों, कॉलोनाइजरों एवं नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करने अथवा भवन निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र, ले-आउट स्वीकृति एवं अन्य अनुमतियां अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लें। बिना स्वीकृति के किया गया कोई भी विकास कार्य अथवा निर्माण अवैध माना जाएगा तथा उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।
प्राधिकरण ने की लोगों से अपील
प्राधिकरण क्षेत्र के समस्त नागरिकों एवं संभावित भू-क्रेताओं से अपील की जाती है कि किसी भी भूखण्ड/प्लॉट का क्रय करने से पूर्व संबंधित कॉलोनी एवं भूखण्ड की स्थिति प्राधिकरण से अवश्य सत्यापित करा लें। यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित कॉलोनी प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत है अथवा नहीं तथा उस भूखण्ड पर भवन मानचित्र स्वीकृत कराया जा सकता है अथवा नहीं। यह देखा गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना स्वीकृत ले-आउट के कॉलोनियों का विकास कर प्लॉटों का विक्रय किया जाता है, जिससे आम नागरिकों को भविष्य में भवन निर्माण स्वीकृति, आधारभूत सुविधाओं तथा अन्य विधिक मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
किसी भी अनाधिकृत कॉलोनी में प्लॉट क्रय न करें
अतः किसी भी अनाधिकृत कॉलोनी में प्लॉट क्रय न करें तथा निवेश करने से पूर्व प्राधिकरण कार्यालय से आवश्यक जानकारी एवं सत्यापन अवश्य प्राप्त करें। प्राधिकरण यह भी स्पष्ट करता है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा प्राधिकरण की अनुमति के कॉलोनी विकास अथवा भवन निर्माण करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के अंतर्गत सीलिंग, ध्वस्तीकरण, अभियोजन एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित एवं सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने हेतु प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा।



