
कांकेर: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में चल रहे प्रयासों के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तारसगांव स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना की प्रगति एवं उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निर्माण कार्यों की प्रगति की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया विशेष जोर
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के किसी भी चरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजना को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
क्षेत्र के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि
मंत्री ने कहा कि तारसगांव में बन रहा मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। इसके शुरू होने के बाद कांकेर जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर फोकस
श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
स्थानीय स्तर पर मिलेगी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास जताया कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद कांकेर और आसपास के जिलों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन में कमी आएगी और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में अहम कदम
उन्होंने कहा कि तारसगांव मेडिकल कॉलेज परियोजना विकसित और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना के पूर्ण होने से प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र और अधिक मजबूत होगा, वहीं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।



