
‘मुझे सैल्यूट करो, मैं IPS हूं!’ 40 रुपये के बन ने खोल दी फर्जी अफसर की पोल, पुलिस को धमकाने वाला मिथिलेश शुक्ला गिरफ्तार
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने वाले एक युवक की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब उसने 40 रुपये के बन का भुगतान करने से इनकार कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि मौके पर पहुंची पुलिस को भी वह धमकाने लगा और खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताकर सैल्यूट करने की मांग करने लगा। जांच में उसके दावे फर्जी निकले, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला लखनऊ के गोल मार्केट चौराहे का है, जहां एक दुकानदार से पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते फर्जी आईपीएस की पूरी कहानी सामने आ गई। आरोपी की पहचान मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई है, जो लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
40 रुपये के बन को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मिथिलेश शुक्ला ने गोल मार्केट स्थित एक दुकान से 40 रुपये का बन खाया। जब दुकानदार वीरू गुप्ता ने उससे पैसे मांगे तो वह खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताने लगा। दुकानदार को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस पहुंची तो उन्हें ही देने लगा आदेश
मौके पर पहुंची पुलिस टीम के सामने भी मिथिलेश शुक्ला का रवैया नहीं बदला। प्राथमिकी के अनुसार उसने पुलिसकर्मियों से कहा, “मैं नोएडा का आईपीएस हूं। तुम लोगों की कैप कहां है? मुझे सैल्यूट क्यों नहीं किया?”
जब पुलिस ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा तो वह टालमटोल करने लगा और बोला कि सुबह आईडी कार्ड लाकर दिखा देगा। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसकी सच्चाई सामने आ गई।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
15 जून को दर्ज हुई FIR
घटना 13 जून की बताई जा रही है। इस मामले में 15 जून को महानगर थाने में एक पुलिसकर्मी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने मिथिलेश शुक्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132, 221 और 204 के तहत मामला दर्ज किया है।
क्या करता है मिथिलेश शुक्ला?
प्राथमिकी में दर्ज जानकारी के मुताबिक, मिथिलेश शुक्ला मूल रूप से लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र का रहने वाला है। उसने पूछताछ के दौरान बताया कि वह नोएडा के सेक्टर-18 स्थित सैमसंग कंपनी में कार्यरत है।
दोषी साबित होने पर कितनी हो सकती है सजा?
बीएनएस की धारा 132 के तहत सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने, डराने-धमकाने या आपराधिक बल प्रयोग करने पर दो साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
धारा 221 के अंतर्गत सरकारी कार्य में बाधा डालने पर तीन महीने तक की जेल, 2,500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
वहीं धारा 204 के तहत किसी विशेष पद या अधिकारी का झूठा प्रतिरूपण करने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।



