उत्तर प्रदेशराज्य

देवरिया में शहीद शिवानंद को नम आंखों से विदाई, DM के आश्वासन के बाद माने परिजन; अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

देवरिया: ओमान तट के निकट वाणिज्यिक पोत एमटी सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले जिले के सुरौली निवासी शिवानंद चौरसिया के अंतिम संस्कार को लेकर बना गतिरोध जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए, जिसके बाद गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम कराकर पार्थिव शरीर को बरहज घाट के लिए रवाना किया गया।

शिवानंद का पार्थिव शरीर बुधवार देर रात ओमान से उनके पैतृक गांव सुरौली पहुंचा था। शव पहुंचते ही परिजनों ने मुख्यमंत्री से वार्ता और अपनी मांगों के समाधान के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कही थी। इसी मांग को लेकर स्वजन एंबुलेंस के सामने बैठ गए और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।

परिजनों ने रखीं आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग

शिवानंद के पिता और भाई ने सरकार से आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आवास उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री से बातचीत और मांगों पर सकारात्मक निर्णय के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्ली ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें पूरा कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन मान गए और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पोस्टमार्टम के बाद बरहज घाट के लिए रवाना हुआ पार्थिव शरीर

गुरुवार सुबह शिवानंद के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और लंबे काफिले के बीच पार्थिव शरीर को बरहज के कटईलवा घाट के लिए रवाना किया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा और उन्हें मुखाग्नि दी जाएगी।

शिवानंद के घर से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। हर कोई अपने बेटे को खो चुके परिवार के दुख में सहभागी बनता नजर आया।

पत्नी, मां और पिता का विलाप देख भावुक हुए लोग

पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शिवानंद का पार्थिव शरीर सुरौली गांव स्थित उनके घर पहुंचा, माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। पत्नी सुशीला शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। मां कलावती और पिता रामजी की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। परिजनों की चीख-पुकार और विलाप ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।

आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे, लेकिन पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा रहा।

अंतिम दर्शन के लिए रातभर जुटते रहे लोग

शिवानंद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे। सुबह होते ही आसपास के गांवों से भी ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई उन्हें अंतिम बार देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए व्याकुल दिखाई दिया।

नम आंखों के साथ लोगों ने शिवानंद को अंतिम विदाई दी। गांव में मौजूद लगभग हर व्यक्ति इस घटना से आहत नजर आया।

पुलिस छावनी में तब्दील रहा सुरौली गांव

शिवानंद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया था। बुधवार शाम से ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। एएसपी दक्षिणी सुनील कुमार सिंह की निगरानी में छह थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही।

शिवानंद के घर से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

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