
अम्बिकापुर: मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु आयोजित प्राक्चयन परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। रिजल्ट घोषित होने के साथ ही हजारों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया है।
आदिवासी विकास विभाग ने परीक्षा परिणाम विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जहां अभ्यर्थी अपने रोल नंबर और मोबाइल नंबर की सहायता से परिणाम देख सकते हैं।
10 मई को हुई थी प्रवेश परीक्षा
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग के अनुसार प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा संपन्न होने के बाद प्राप्त दावा-आपत्तियों का परीक्षण और निराकरण किया गया, जिसके बाद अंतिम परिणाम घोषित किया गया है।
विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पूरी की गई है।
काउंसलिंग की जानकारी वेबसाइट पर मिलेगी
प्रशासन ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें।
काउंसलिंग कार्यक्रम, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं समय-समय पर वेबसाइट पर जारी की जाएंगी।
क्या है प्रयास आवासीय विद्यालय योजना?
प्रयास आवासीय विद्यालय आदिवासी और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जाते हैं। इन विद्यालयों में छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
विशेष रूप से नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए इस योजना को शुरू किया गया था।
प्रतियोगी परीक्षाओं की भी मिलती है तैयारी
प्रयास आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी विशेष मार्गदर्शन और निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है।
इन संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार किया जाता है, जिससे वे उच्च शिक्षा और करियर के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
प्रदेश के विभिन्न संभागों में संचालित हैं विद्यालय
राज्य सरकार द्वारा रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न संभागीय मुख्यालयों में प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देना है। रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्रों की निगाहें आगामी काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।



