इंदौर के पूर्व कलेक्टर विवेक अग्रवाल बने FATF के उपाध्यक्ष, पहली बार भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर भारत को एक और बड़ी कूटनीतिक और प्रशासनिक सफलता मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण पर नजर रखने वाली दुनिया की प्रमुख संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) में भारत के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब भारत को इस प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और इंदौर के कलेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह भारत सरकार में सचिव स्तर के पद पर कार्यरत हैं और केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
पहली बार भारत को मिली FATF में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
भारत वर्ष 2010 से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का सदस्य है, लेकिन अब तक किसी भारतीय अधिकारी को संस्था के उपाध्यक्ष पद तक पहुंचने का अवसर नहीं मिला था। विवेक अग्रवाल की नियुक्ति को भारत की बढ़ती वैश्विक साख और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत होती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, उनका कार्यकाल जून 2027 तक रहेगा। वह इस पद पर ब्रिटेन के जाइल्स थामसन का स्थान लेंगे।
आतंकवाद की फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर बनते हैं वैश्विक मानक
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और अन्य वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए मानक और नीतियां तय करने वाली प्रमुख संस्था है। इसके दिशा-निर्देशों का पालन कई देशों की वित्तीय और सुरक्षा नीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ऐसे में संस्था के शीर्ष नेतृत्व में भारतीय अधिकारी की नियुक्ति को वैश्विक वित्तीय सुरक्षा ढांचे में भारत की बढ़ती भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया भारत की बड़ी उपलब्धि
एक भारतीय अधिकारी के FATF के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने पर विदेश मंत्रालय ने भी इसे भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। मंत्रालय का मानना है कि यह नियुक्ति वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के वित्तपोषण और अवैध धन प्रवाह के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।
विवेक अग्रवाल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कड़े वैश्विक मानकों और सहयोग की लगातार वकालत कर रहा है। ऐसे में FATF में उनकी नई जिम्मेदारी भारत की भूमिका को और प्रभावशाली बना सकती है।



