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कम उम्र में पीरियड्स शुरू होना बन सकता है खतरे की घंटी! रिसर्च में सामने आया डायबिटीज और स्ट्रोक से जुड़ा बड़ा संकेत

नई दिल्ली: लड़कियों में कम उम्र में मासिक धर्म शुरू होने को लेकर एक नए शोध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अध्ययन के अनुसार, 13 वर्ष की आयु से पहले पीरियड्स शुरू होने वाली लड़कियों में आगे चलकर टाइप-2 मधुमेह और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मासिक धर्म की शुरुआती उम्र और भविष्य में होने वाली कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बीच संबंध देखा गया है।

यह अध्ययन अमेरिका के लुइसियाना स्थित तुलाने विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें 20 से 65 वर्ष आयु वर्ग की 17,300 महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में महिलाओं को मासिक धर्म शुरू होने की उम्र के आधार पर अलग-अलग समूहों में बांटा गया था।

13 साल से पहले पीरियड्स आने पर बढ़ सकता है जोखिम

शोध के निष्कर्षों में पाया गया कि जिन लड़कियों को 13 वर्ष की उम्र से पहले मासिक धर्म शुरू हो जाता है, उनमें 65 वर्ष की आयु से पहले स्ट्रोक का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। विशेष रूप से 10 वर्ष की उम्र या उससे पहले पीरियड्स शुरू होने वाली लड़कियों में यह जोखिम अधिक देखा गया।

अध्ययन के दौरान टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित 1,773 महिलाओं का भी विश्लेषण किया गया। इनमें 205 महिलाओं को हृदय संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था और इन सभी में मासिक धर्म 13 वर्ष की आयु से पहले शुरू हो चुका था।

कम उम्र में पीरियड्स और डायबिटीज का संबंध

शोध के अनुसार, जिन लड़कियों को 10 वर्ष या उससे कम आयु में पीरियड्स शुरू हुए, उनमें टाइप-2 मधुमेह का खतरा 32 प्रतिशत अधिक पाया गया। 11 वर्ष की आयु में मासिक धर्म शुरू होने वाली लड़कियों में यह जोखिम 14 प्रतिशत और 12 वर्ष की आयु में शुरू होने पर 29 प्रतिशत अधिक देखा गया।

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जिन महिलाओं को कम उम्र में मासिक धर्म शुरू हुआ और बाद में उन्हें मधुमेह की समस्या हुई, उनमें स्ट्रोक का खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक हो सकता है।

13 साल के बाद मासिक धर्म शुरू होना बेहतर माना गया

अध्ययन में संकेत मिला कि 13 वर्ष की आयु के बाद मासिक धर्म शुरू होने पर इन स्वास्थ्य जोखिमों की संभावना कम हो सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कम उम्र में पीरियड्स शुरू होने से शरीर लंबे समय तक एस्ट्रोजन हार्मोन के प्रभाव में रहता है, जो आगे चलकर कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किशोरावस्था की शुरुआत कई कारकों से प्रभावित होती है, जिनमें शरीर का वजन, बॉडी मास इंडेक्स और लेप्टिन हार्मोन का स्तर शामिल है। जैसे-जैसे शरीर का वजन बढ़ता है, हार्मोनल बदलाव तेजी से होने लगते हैं, जिससे कम उम्र में यौवन की शुरुआत हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह शोध एक संबंध दर्शाता है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य जोखिम का आकलन केवल पीरियड्स की उम्र के आधार पर नहीं किया जा सकता। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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