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उद्धव ठाकरे के लिए बढ़ी सियासी चिंता! लॉयल्टी टेस्ट में 3 विधायक और 1 एमएलसी नदारद, शिवसेना (UBT) को लगा नया झटका

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के लिए चुनौतियां कम होती नहीं दिख रहीं। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में तीन विधायक और एक विधान परिषद सदस्य के अनुपस्थित रहने से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे ऐसे समय में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है, जब हाल ही में पार्टी को सांसदों के स्तर पर भी झटका लगा है।

22 जनप्रतिनिधि पहुंचे, 4 रहे अनुपस्थित

सोमवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यालय ‘शिवालय’ में विधायकों और एमएलसी की बैठक बुलाई थी। शिवसेना (यूबीटी) के पास वर्तमान में 20 विधायक और 6 एमएलसी हैं, यानी कुल 26 जनप्रतिनिधि। हालांकि बैठक में केवल 22 सदस्य ही मौजूद रहे, जबकि तीन विधायक और एक एमएलसी शामिल नहीं हुए।

इन नेताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

जानकारी के अनुसार, एमएलसी सुनील शिंदे के अलावा विधायक संजय पोटनिस और राहुल पाटिल बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक से उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे।

पार्टी ने दी सफाई

शिवसेना (यूबीटी) नेताओं का कहना है कि अनुपस्थित रहने वाले सभी जनप्रतिनिधियों ने पहले ही अपनी व्यस्तताओं की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी थी। पार्टी के मुताबिक, बैठक में नहीं पहुंच पाने के पीछे व्यक्तिगत और राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़ी वजहें थीं।

राहुल पाटिल ने बताई वजह

विधायक राहुल पाटिल ने कहा कि वह विधान परिषद चुनाव की मतगणना प्रक्रिया में व्यस्त थे। इसके अलावा परभणी में उद्धव ठाकरे के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों में भी उनका समय लग रहा था, जिसके कारण वे बैठक में शामिल नहीं हो सके।

सांसदों के दल बदल के बीच हुई बैठक

यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई जब पार्टी के छह सांसद कुछ ही दूरी पर आयोजित एक कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में औपचारिक रूप से शामिल हो रहे थे। इस घटनाक्रम ने पहले ही उद्धव ठाकरे गुट की राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे।

विधानसभा सत्र से पहले शक्ति प्रदर्शन की कोशिश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा सत्र से पहले आयोजित यह बैठक पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। हालांकि कुछ जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने विपक्ष और राजनीतिक पर्यवेक्षकों को चर्चा का नया मुद्दा दे दिया है।

महाराष्ट्र की राजनीति पर बनी रहेगी नजर

फिलहाल शिवसेना (यूबीटी) ने किसी भी तरह की अंदरूनी नाराजगी या असंतोष की अटकलों को खारिज किया है। लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बीच पार्टी की गतिविधियों और नेताओं की राजनीतिक स्थिति पर आने वाले दिनों में सबकी नजर बनी रहेगी।

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