किंग चार्ल्स ने तोड़ी शाही परंपरा! पहली बार सार्वजनिक की निजी टैक्स जानकारी, करोड़ों पाउंड टैक्स चुकाने का खुलासा

लंदन: ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय ने शाही वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार अपनी निजी टैक्स देनदारी सार्वजनिक की है। बकिंघम पैलेस द्वारा जारी वित्तीय विवरणों के अनुसार, सितंबर 2022 में सिंहासन संभालने के बाद से किंग चार्ल्स ने दो टैक्स वर्षों में 30 मिलियन पाउंड से अधिक का व्यक्तिगत टैक्स अदा किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगले वर्ष भी उनका स्थायी निवास बकिंघम पैलेस नहीं होगा।
ब्रिटेन में राजा और महारानी को कानून के तहत आयकर, पूंजीगत लाभ कर और विरासत कर से छूट प्राप्त होती है। इसके बावजूद शाही परिवार वर्ष 1993 से स्वेच्छा से आयकर और पूंजीगत लाभ कर का भुगतान करता आ रहा है। हालांकि, अब तक किसी भी ब्रिटिश सम्राट ने अपनी निजी टैक्स देनदारी को सार्वजनिक नहीं किया था। किंग चार्ल्स ने इस परंपरा को बदलते हुए पहली बार यह जानकारी सार्वजनिक की है।
दो वर्षों में चुकाया 24.6 मिलियन पाउंड टैक्स
बकिंघम पैलेस के अनुसार, 10 सितंबर 2022 को सिंहासन संभालने के बाद दो पूर्ण टैक्स वर्षों में किंग चार्ल्स का निजी टैक्स बिल 24.6 मिलियन पाउंड रहा। इसमें वर्ष 2023-24 के दौरान 11.7 मिलियन पाउंड और वर्ष 2024-25 में 12.9 मिलियन पाउंड का भुगतान शामिल है। ब्रिटेन में नया टैक्स वर्ष हर साल अप्रैल की शुरुआत से लागू होता है।
प्रिंस विलियम ने भी पहली बार साझा किए टैक्स आंकड़े
किंग चार्ल्स के बड़े पुत्र और सिंहासन के उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम ने भी पहली बार अपनी निजी टैक्स संबंधी जानकारी सार्वजनिक की है। उन्होंने बताया कि प्रिंस ऑफ वेल्स की उपाधि मिलने के बाद से अब तक वे 20 मिलियन पाउंड से अधिक टैक्स का भुगतान कर चुके हैं।
शाही परिवार का कहना है कि इन आंकड़ों को सार्वजनिक करने का उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देना है, क्योंकि राजशाही की आय और खर्च को लेकर जनता की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।
महारानी एलिजाबेथ ने कभी नहीं उठाया था ऐसा कदम
ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अपने 70 वर्षों के लंबे शासनकाल में कभी भी अपनी निजी टैक्स देनदारी सार्वजनिक नहीं की थी। ऐसे में किंग चार्ल्स का यह फैसला शाही इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है और इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।
शाही खर्च बढ़ा, नवीनीकरण पर होंगे करोड़ों पाउंड खर्च
जारी वित्तीय दस्तावेजों के मुताबिक, राजशाही की प्रमुख वित्तीय सहायता सॉवरेन ग्रांट को वर्ष 2027-28 से प्रतिवर्ष 99.9 मिलियन पाउंड पर निर्धारित किया जाएगा। वहीं 2025-26 के लिए सरकारी भुगतान बढ़ाकर 132.1 मिलियन पाउंड कर दिया गया है।
इस अतिरिक्त राशि का उपयोग बकिंघम पैलेस और अन्य शाही इमारतों के व्यापक नवीनीकरण कार्यों पर किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 370 मिलियन पाउंड खर्च होने का अनुमान है।
बकिंघम पैलेस नहीं, क्लेरेंस हाउस में ही रहेंगे किंग चार्ल्स
शाही अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बकिंघम पैलेस में चल रहे 10 वर्षीय नवीनीकरण कार्यक्रम के पूरा होने के बाद भी किंग चार्ल्स फिलहाल क्लेरेंस हाउस को ही अपना स्थायी निवास बनाए रखेंगे।
हालांकि, वे बकिंघम पैलेस में आयोजित होने वाले आधिकारिक समारोहों, राजकीय कार्यक्रमों और अन्य शाही आयोजनों में नियमित रूप से भाग लेते रहेंगे।
पारदर्शिता की नई मिसाल
विशेषज्ञों का मानना है कि निजी टैक्स जानकारी सार्वजनिक करने का किंग चार्ल्स का फैसला आधुनिक राजशाही की बदलती कार्यशैली को दर्शाता है। इससे शाही परिवार की वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर जनता के बीच एक नया संदेश गया है।



