उत्तर प्रदेशराज्य

राम मंदिर चढ़ावा गबन केस में बड़ा खुलासा! परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों पर लुटाए लाखों रुपये, पूछताछ में आरोपी ने खोले कई राज

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों पर खुलकर किया। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने करीबियों पर करीब 19 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए।

भाइयों की शादी और आर्थिक मदद में खर्च किए लाखों

जांच में पता चला है कि अविनाश शुक्ला ने अपने एक भाई की शादी के लिए करीब 6 लाख रुपये दिए थे। वहीं दूसरे भाई को भी 5 से 6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इसके अलावा उसने करीब 3.5 लाख रुपये कीमत की एक कार भी खरीदी थी।

दोस्त के खाते में भेजे पैसे, महंगा मोबाइल भी दिया

सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अपने एक दोस्त के बैंक खाते में करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इतना ही नहीं, उसे एक महंगा मोबाइल फोन भी उपहार के रूप में दिया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि कई अन्य लोगों को भी अलग-अलग समय पर छोटी-छोटी रकम दी गई थी।

नकदी, डॉलर, जेवर और एसयूवी बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने अविनाश शुक्ला के कब्जे से 20.39 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण, अन्य कीमती सामान और एक एसयूवी वाहन बरामद किया है। बरामदगी के बाद पुलिस अब धन के स्रोत और उसके उपयोग की विस्तृत जांच कर रही है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के भविष्य पर आज फैसला संभव

सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा गबन मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय की ट्रस्ट से विदाई लगभग तय मानी जा रही है। ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के भी ट्रस्ट से बाहर होने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफों पर होगी चर्चा

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की प्रस्तावित बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लिया जाना है। दोनों ने 26 जून को अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसकी पुष्टि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने 27 जून को की थी। दोपहर 3 बजे होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

चढ़ावे की व्यवस्था संभालने के कारण उठे सवाल

राम मंदिर के चढ़ावे की राशि के प्रबंधन और गणना की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण दोनों शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि चढ़ावा गबन प्रकरण के बाद ट्रस्ट की छवि को हुए नुकसान को देखते हुए इस्तीफों पर फैसला लेकर स्पष्ट संदेश देने की तैयारी की जा रही है।

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