सीरिया में धमाकों से दहला दमिश्क! राष्ट्रपति मैक्रों के होटल के बाहर दो विस्फोट, 6 की मौत; बाल-बाल बचे फ्रांसीसी राष्ट्रपति

दमिश्क: सीरिया की राजधानी दमिश्क में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के ठहरने वाले होटल के बाहर लगातार दो धमाके हुए। विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में सीरिया सरकार के पर्यटन मंत्री भी शामिल हैं। घटना के समय राष्ट्रपति मैक्रों होटल से सीरिया के राष्ट्रपति अल शरा से मुलाकात के लिए रवाना होने वाले थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह इस हमले में सुरक्षित हैं।
होटल के बाहर कार में हुआ विस्फोट
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, धमाका होटल के बाहर खड़ी एक लाल रंग की कार में हुआ। बताया जा रहा है कि कार को पहले होटल के बाहर खड़ा किया गया और उसके बाद उसमें विस्फोट हुआ। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी।
सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को सबसे ज्यादा नुकसान
रिपोर्टों के अनुसार, जिस स्थान पर विस्फोट हुआ वहां बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग मौजूद थे। मृतकों में अधिकांश पुलिसकर्मी बताए जा रहे हैं, जो राष्ट्रपति मैक्रों की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे। विस्फोट में करीब 20 लोगों के घायल होने की सूचना है।
धमाके के बाद भी तय कार्यक्रम के अनुसार हुई मुलाकात
बताया गया है कि विस्फोट के तुरंत बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने सीरिया के राष्ट्रपति अल शरा से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुलाकात की। हालांकि, फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से घटना को लेकर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दमिश्क के प्रमुख इलाके में हुई घटना
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों धमाके दमिश्क के एक प्रमुख इलाके में हुए। घटना के समय राष्ट्रपति मैक्रों होटल में नागरिक समूहों के साथ बैठक पूरी कर बाहर निकल रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और विस्फोट के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीरिया दौरे पर पहुंचे पहले यूरोपीय संघ के नेता
राष्ट्रपति मैक्रों सीरिया के राष्ट्रपति अल शरा के निमंत्रण पर दो दिवसीय दौरे पर दमिश्क पहुंचे थे। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वह सीरिया का दौरा करने वाले यूरोपीय संघ के पहले नेता बताए जा रहे हैं। घटना उनके दौरे के अंतिम दिन हुई।



