उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी में जमीन की पैमाइश का बदलेगा तरीका! रोवर तकनीक से होगी इंच-इंच भूमि की सटीक नाप, कम होंगे विवाद

रायबरेली: उत्तर प्रदेश में भूमि पैमाइश की प्रक्रिया अब आधुनिक तकनीक के साथ नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। रायबरेली में जमीनों की पैमाइश पारंपरिक तरीकों की बजाय अत्याधुनिक रोवर तकनीक से की जाएगी। इससे पैमाइश अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, वहीं सीमांकन से जुड़े विवादों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। शासन की ओर से जिले की सभी छह तहसीलों के एक-एक नायब तहसीलदार, एक-एक राजस्व निरीक्षक और दो-दो लेखपालों को रोवर तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

प्रशिक्षित टीम गांव-गांव जाकर करेगी पैमाइश

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक टीम में एक नायब तहसीलदार, एक राजस्व निरीक्षक और दो प्रशिक्षित लेखपाल शामिल होंगे। ये टीमें आधुनिक रोवर उपकरण की मदद से विभिन्न गांवों में जाकर भूमि की पैमाइश करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे किसानों और भू-स्वामियों को बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम होगी।

पारंपरिक तरीके की जगह लेगी आधुनिक तकनीक

अब तक अधिकांश स्थानों पर जमीन की नाप फीते और पारंपरिक उपकरणों से की जाती रही है। इस प्रक्रिया में कई बार सीमांकन को लेकर विवाद पैदा हो जाते हैं, जिसके चलते राजस्व विभाग और न्यायालयों में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। रोवर तकनीक लागू होने से इन विवादों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता

राजस्व अधिकारियों के अनुसार, रोवर तकनीक से प्राप्त आंकड़े अत्यंत सटीक होंगे। इससे खेतों, प्लॉटों और अन्य भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा। पैमाइश के दौरान त्रुटियों की संभावना बेहद कम रहेगी और विवादित मामलों में निष्पक्ष एवं प्रमाणिक रिपोर्ट उपलब्ध कराना आसान होगा।

क्या है रोवर तकनीक और कैसे करेगी काम?

रोवर तकनीक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित आधुनिक सर्वे प्रणाली है। इसमें विशेष रोवर रिसीवर लगातार उपग्रहों से सिग्नल प्राप्त करता है और सीओआरएस नेटवर्क से जुड़कर जमीन की वास्तविक स्थिति का अत्यंत सटीक स्थान निर्धारित करता है। पैमाइश के दौरान यह उपकरण सीधे डिजिटल मानचित्र और राजस्व अभिलेखों से मिलान करता है, जिससे सीमांकन अधिक वैज्ञानिक और प्रमाणिक बनता है।

सभी तहसीलों में पहुंचीं मशीनें, जल्द शुरू होगी पैमाइश

तहसील प्रशासन के अनुसार, रोवर मशीन के संचालन के लिए नायब तहसीलदारों और लेखपालों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। फिलहाल सभी तहसीलों में एक-एक मशीन उपलब्ध करा दी गई है और प्रयास है कि बुधवार से इसी तकनीक के जरिए भूमि पैमाइश का कार्य शुरू कर दिया जाए।

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