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डोनाल्ड ट्रंप को अदालत से बड़ा झटका, लेखिका ई. जीन कैरोल को 50 लाख डॉलर हर्जाना देने का आदेश बरकरार

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यौन उत्पीड़न और मानहानि से जुड़े मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिकी अदालत ने लेखिका ई. जीन कैरोल को 50 लाख डॉलर (करीब 5 मिलियन डॉलर) का हर्जाना दिए जाने के आदेश को बरकरार रखते हुए राशि जारी करने का निर्देश दिया है। इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट भी ट्रंप की उस अपील पर सुनवाई करने से इनकार कर चुका था, जिसमें उन्होंने वर्ष 2023 के फैसले को चुनौती दी थी।

क्या है पूरा मामला?

82 वर्षीय लेखिका और पूर्व पत्रकार ई. जीन कैरोल ने आरोप लगाया था कि वर्ष 1996 में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंट स्टोर के ड्रेसिंग रूम में डोनाल्ड ट्रंप ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। यह मामला तब चर्चा में आया, जब कैरोल ने अपनी आत्मकथा में इस घटना का जिक्र किया और बाद में सार्वजनिक रूप से भी आरोप लगाए।

हालांकि, ट्रंप ने शुरुआत से ही इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उनका कहना था कि वह कैरोल को जानते तक नहीं हैं और उनके आरोप झूठे, राजनीतिक रूप से प्रेरित तथा प्रचार हासिल करने की कोशिश हैं।

फेडरल जूरी ने ट्रंप को ठहराया था जिम्मेदार

मई 2023 में न्यूयॉर्क की एक फेडरल जूरी ने सुनवाई के बाद ट्रंप को कैरोल के साथ यौन उत्पीड़न और बाद में दिए गए बयानों के जरिए उनकी मानहानि करने के लिए जिम्मेदार माना था। जूरी ने कैरोल को कुल 50 लाख डॉलर का हर्जाना देने का फैसला सुनाया था। इसमें 20 लाख डॉलर यौन उत्पीड़न और 30 लाख डॉलर मानहानि के लिए निर्धारित किए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

फैसले के खिलाफ ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इस मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कैरोल के वकीलों ने अदालत से हर्जाने की राशि जारी करने की मांग की।

ब्याज के साथ मिलेगी अधिक राशि

मामले की सुनवाई कर रहे जज लुईस कपलान ने आदेश दिया कि ट्रंप द्वारा अदालत में जमा कराई गई 50 लाख डॉलर की राशि ई. जीन कैरोल को जारी की जाए। अदालत ने इस रकम पर ब्याज देने का भी निर्देश दिया है। ब्याज जुड़ने के बाद कैरोल को कुल मिलाकर लगभग 58 लाख डॉलर मिलने की संभावना है।

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