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डायबिटीज में कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर? इन 3 आटों को करें डाइट में शामिल, ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मिल सकती है मदद

नई दिल्ली: डायबिटीज आज देश-दुनिया में तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख बीमारियों में शामिल है। इस स्थिति में शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका प्रभावी उपयोग नहीं कर पाता, जिससे रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह के साथ सही खाद्य पदार्थों का चयन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि डायबिटीज के मरीज अपने दैनिक भोजन में कुछ मोटे अनाजों के आटे से बनी रोटियां शामिल करें, तो बेहतर ग्लाइसेमिक नियंत्रण में मदद मिल सकती है।

1. रागी के आटे की रोटी

रागी पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर अनाज माना जाता है। फाइबर की अधिक मात्रा भोजन के बाद रक्त में शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद कर सकती है। इसी कारण रागी की रोटी को डायबिटीज रोगियों के लिए लाभकारी विकल्प माना जाता है।

2. बाजरे के आटे की रोटी

बाजरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे प्रभावित करता है। इसके साथ ही बाजरा लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है, जिससे वजन नियंत्रण में भी सहायता मिल सकती है। यही वजह है कि इसे डायबिटीज रोगियों के लिए उपयोगी अनाज माना जाता है।

3. ज्वार के आटे की रोटी

ज्वार भी फाइबर से भरपूर मोटा अनाज है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है। नियमित संतुलित आहार के हिस्से के रूप में ज्वार की रोटी का सेवन ब्लड शुगर के बेहतर प्रबंधन में सहायक हो सकता है। साथ ही यह समग्र स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

ध्यान रखें

डायबिटीज में केवल आटे का चयन ही पर्याप्त नहीं है। भोजन की मात्रा, नियमित शारीरिक गतिविधि, समय पर दवाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जीवनशैली अपनाना भी उतना ही जरूरी है। किसी भी बड़े आहार परिवर्तन से पहले अपने चिकित्सक या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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