
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल 2 अगस्त 2026 को रात 10 बजकर 59 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल का यह गोचर 18 सितंबर 2026 तक मिथुन राशि में रहेगा। ज्योतिष में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और नेतृत्व क्षमता का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में इसका राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों पर प्रभाव डालेगा, लेकिन मिथुन, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर विशेष रूप से शुभ फलदायी माना जा रहा है। इस अवधि में करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि में मंगल का गोचर इस राशि के जातकों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को नई मजबूती दे सकता है। कारोबार करने वालों को नए ग्राहकों के मिलने से लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों की मेहनत, कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी, जिससे नई जिम्मेदारियां या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और अचानक धन लाभ के भी योग बन रहे हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा, जबकि लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। महत्वपूर्ण फैसले लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर करियर के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। व्यापार में विस्तार के नए अवसर मिल सकते हैं और आत्मविश्वास के दम पर चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने में सफलता मिलेगी। यदि लंबे समय से घर, जमीन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह समय अनुकूल साबित हो सकता है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के साथ निवेश से लाभ मिलने की भी संभावना है।
मकर राशि
मकर राशि के लिए मंगल का राशि परिवर्तन नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जो भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे और मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी तथा आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। लाभदायक यात्राओं के योग भी बन रहे हैं। किसी प्रतिष्ठित संस्था या बड़ी कंपनी से आकर्षक प्रस्ताव मिलने की संभावना है। वहीं परिवार में आपसी तालमेल बेहतर रहेगा और घर का वातावरण सुखद बना रहेगा।



