
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। संसद क्षेत्र और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की व्यापक तैनाती की गई है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, CJP ने आरोप लगाया है कि उसके प्रवक्ता सौरव दास को डीसीपी कार्यालय में रोका गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का किया गया था आह्वान
CJP ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर संसद तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। इस प्रदर्शन के समर्थन में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक रविवार से ही जंतर-मंतर क्षेत्र में जुटने लगे थे।
संसद क्षेत्र में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (रैपिड रिस्पॉन्स टीम) को अलर्ट पर रखा गया है।
बिना अनुमति मार्च की इजाजत नहीं
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में स्पष्ट किया कि संसद मार्च के लिए न तो पुलिस से अनुमति मांगी गई थी और न ही कोई अनुमति दी गई है। उन्होंने लोगों से कानून का पालन करने और किसी भी अनधिकृत जुलूस या मार्च में शामिल नहीं होने की अपील की।
धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने, जुलूस निकालने या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इन मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है CJP
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन तीन प्रमुख मांगों पर केंद्रित है। इनमें नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक तथा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में देरी तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है।
फिलहाल राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संसद मार्च को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।



