अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान पर अमेरिका का बड़ा हवाई हमला, एयरक्राफ्ट हैंगर से ड्रोन स्टोरेज तक कई सैन्य ठिकाने तबाह; जंग के बीच बढ़ा वैश्विक तनाव

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार और तेज होता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इस अभियान में एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताओं से जुड़े ठिकानों और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए पैदा हो रहे खतरे को कम करना है।

अमेरिकी सैन्य कमान का दावा है कि हालिया कार्रवाई क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा है।

होर्मुज में जहाजों पर हमलों का लगाया आरोप

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, पिछले तीन महीनों में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले 30 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए हैं। इन घटनाओं से सैकड़ों नाविकों की जान खतरे में पड़ी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार भी प्रभावित हुआ। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि इन घटनाओं के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही के लिए खुला हुआ है।

ट्रंप बोले- फिलहाल बातचीत में नहीं है रुचि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनकी ईरान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत में रुचि नहीं है। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी सेना आगे चलकर ईरान के उन इलाकों को भी निशाना बना सकती है, जो उसके प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों के निकट स्थित हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई भी जारी

दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कदम उठाए हैं। मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला किया गया। इसके अलावा बहरीन और कुवैत में संभावित मिसाइल हमलों की चेतावनी के चलते सायरन भी बजाए गए।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ा आर्थिक दबाव

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। वहीं अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत करीब 4 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच चुकी है, जिससे ईंधन बाजार पर दबाव बढ़ गया है।

500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल होने का दावा

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ जारी संघर्ष में घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या 500 के पार पहुंच चुकी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह आंकड़ा पेंटागन के आधिकारिक रिकॉर्ड से भी अधिक है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नजदीक आने के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई और महंगे ईंधन को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

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