उत्तर प्रदेश

सपा के वरिष्ठ नेता आलम बदी का निधन: इंजीनियरिंग छोड़ राजनीति चुनी, मंत्री पद कई बार ठुकराया, 92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलम बदी का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे आलम बदी ने बुधवार देर रात अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से आजमगढ़ से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

सादगी और ईमानदार छवि के लिए थे प्रसिद्ध

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आलम बदी को उनकी सादगी, साफ-सुथरी छवि और जनता से गहरे जुड़ाव के लिए जाना जाता था। उनका जन्म 16 मार्च 1936 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था और पेशे से इंजीनियर थे। हालांकि, जनसेवा के उद्देश्य से उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ राजनीति का रास्ता चुना।

1996 में राजनीति में रखा कदम, पांच बार बने विधायक

आलम बदी ने वर्ष 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पहला चुनाव जीता और विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई। अपने लंबे राजनीतिक सफर में वह केवल एक बार चुनाव हारे, जबकि पांच बार विधायक चुने गए।

मंत्री बनने का प्रस्ताव भी कई बार ठुकराया

आलम बदी समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। बाद में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उनका विशेष सम्मान करते थे। बताया जाता है कि उन्हें कई बार मंत्री बनने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने हर बार इसे विनम्रता से ठुकरा दिया।

उनका कहना था कि मंत्री पद किसी युवा नेता को मिलना चाहिए। उनका मानना था कि मंत्री बनने के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और इससे वे अपने क्षेत्र तथा जनता के बीच उतना समय नहीं दे पाएंगे।

गरीबों और किसानों की आवाज बने रहे

विधानसभा के भीतर और बाहर आलम बदी ने हमेशा किसानों, गरीबों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जनहित के विषयों पर उनकी स्पष्ट और संतुलित आवाज का सम्मान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में किया जाता था। उनकी सादगी और ईमानदार सार्वजनिक जीवन ने उन्हें प्रदेश की राजनीति में अलग पहचान दिलाई।

राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक

आलम बदी के निधन पर समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके समर्थकों ने उन्हें जनसेवा, ईमानदारी और सादगी की मिसाल बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

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