
नई दिल्ली: राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के तहत सभी अधिकारियों और जवानों की नियमित छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा पुलिस कर्मियों को बिना पुलिस कमिश्नर की मंजूरी के किसी भी ट्रेनिंग कार्यक्रम या कोर्स में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई है।
इमरजेंसी स्थिति में ही मिलेगी छुट्टी
दिल्ली पुलिस के सर्कुलर के मुताबिक, अगले आदेश तक किसी भी पुलिसकर्मी को कैजुअल लीव और अर्नड लीव जैसी सामान्य छुट्टियां नहीं दी जाएंगी। सिर्फ वास्तविक आपात स्थिति में ही सक्षम अधिकारी की जांच और मंजूरी के बाद अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
आदेश में कहा गया है कि मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। सभी जिलों के पुलिस उपायुक्तों को भी आदेश लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रेनिंग और कोर्स के लिए भी लेनी होगी अनुमति
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी पुलिसकर्मी पुलिस कमिश्नर की पूर्व अनुमति के बिना किसी ट्रेनिंग कार्यक्रम या विशेष कोर्स में हिस्सा नहीं ले सकेगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बिना अनुमति कोई कर्मचारी प्रशिक्षण के लिए रवाना न हो।
प्रदर्शनों के बीच लिया गया फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है जब राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था, नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इससे पहले 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे और संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया था। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की बात भी सामने आई थी।
हिंसा की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन से मिले वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रदर्शन में किसी बाहरी व्यक्ति या असामाजिक तत्व की भूमिका रही या नहीं। पुलिस ने ऐसे लोगों की पहचान के लिए कई टीमें गठित की हैं, जो सुरक्षाकर्मियों पर हमले, पत्थरबाजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं में शामिल हो सकते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ाई गई सतर्कता
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन से पहले और दौरान मिली खुफिया सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। आशंका जताई गई है कि कुछ ऐसे लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं जिनका नियमित आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।
दिल्ली पुलिस अब प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।



