
जगतगंज राजपरिवार ने महामना अभिलेखागार को भेंट की अत्याधुनिक प्रदर्शनी स्टैंडी
बीएचयू की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं आधुनिक प्रस्तुतीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का महामना अभिलेखागार निरंतर शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा इतिहास एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को महामना अभिलेखागार में आयोजित एक गरिमामय एवं सादे समारोह में जगतगंज राजपरिवार शोध उपक्रम, जगतगंज कोठी, वाराणसी की ओर से अभिलेखागार को एक अत्याधुनिक एवं आकर्षक प्रदर्शनी स्टैंडी भेंट की गई। इस अवसर पर शोध उपक्रम के अध्यक्ष प्रदीप नारायण सिंह अपनी शोध टीम के साथ उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि श्री सिंह काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, सफल उद्यमी तथा अभिलेखों एवं अभिलेखागारों के संरक्षण के प्रति विशेष रुचि रखने वाले व्यक्तित्व हैं।

उच्च गुणवत्ता एवं आधुनिक तकनीक से निर्मित इस प्रदर्शनी स्टैंडी को भविष्य में अभिलेखागार की प्रदर्शन व्यवस्था के लिए एक आदर्श नमूने (टेम्पलेट) के रूप में तैयार किया गया है। महामना अभिलेखागार के समन्वयक प्रो. ध्रुव कुमार सिंह ने इसे औपचारिक रूप से स्वीकार करते हुए जगतगंज राजपरिवार शोध उपक्रम की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सहयोग विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण तथा उसके आधुनिक एवं आकर्षक प्रस्तुतीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रो. सिंह ने इस अवसर पर शोध उपक्रम के अध्यक्ष प्रदीप नारायण सिंह सहित उनकी पूरी टीम— अशोक कुमार वर्मा, डा (मेजर)अरविन्द कुमार सिंह, रवीन्द्र दुबे, अरविन्द सिंह (अधिवक्ता), मनीष खत्री, शमीम अहमद एवं विकास यादव—के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में महामना अभिलेखागार की कार्यकारिणी एवं सलाहकार समिति के सदस्य प्रो. कमलशील, प्रो. केशव मिश्र, इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवेश भारद्वाज तथा पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. घनश्याम सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महामना अभिलेखागार के डॉ. नवीन जैन, अभिषेक गुप्ता, बहादुर कुमार कनौजिया सहित विश्वविद्यालय के अनेक शोधार्थी एवं छात्र भी उपस्थित रहे।



