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बेटे आबान के जनाजे में पहुंची थीं शाइस्ता परवीन? दिनभर चली तलाश, पुलिस ने बताया सच

नई दिल्ली: माफिया डॉन रहे अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन एक बार फिर चर्चा में हैं। अतीक के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद शुक्रवार को उसका शव प्रयागराज के हटवा गांव लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं की भीड़ के बीच यह चर्चा फैल गई कि बुर्के की आड़ में शाइस्ता परवीन भी वहां पहुंचीं और बेटे का आखिरी दीदार किया। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने इस दावे को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि शाइस्ता के गांव पहुंचने या जनाजे में शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

शव पहुंचते ही फैली शाइस्ता के आने की खबर

शुक्रवार सुबह आबान का शव हटवा गांव पहुंचने के बाद वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। इसी दौरान यह खबर तेजी से फैल गई कि भीड़ के बीच शाइस्ता परवीन भी मौजूद हैं।

कुछ लोगों ने दावा किया कि शाइस्ता बुर्के में गांव पहुंचीं और बेटे का अंतिम दर्शन करने के बाद चुपचाप वहां से निकल गईं। हालांकि, उनके वहां पहुंचने से जुड़ी कोई तस्वीर सामने नहीं आई। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी इस दावे की पुष्टि नहीं की गई।

शाइस्ता की तलाश में पुलिस पहले से थी अलर्ट

शाइस्ता के बेटे के जनाजे में शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस को गांव में तैनात किया गया था।

महिला पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया था, ताकि महिलाओं की भीड़ के बीच शाइस्ता की मौजूदगी की जांच की जा सके। पुलिस और खुफिया तंत्र ने पूरे दिन गांव की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।

अधिकारियों के मुताबिक, जांच और निगरानी के बावजूद शाइस्ता के गांव पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला। ऐसे में फिलहाल जनाजे में उनके शामिल होने की खबर को अफवाह माना जा रहा है।

मां के बेहद करीब था आबान

परिवार के करीबियों के मुताबिक, आबान अपनी मां शाइस्ता परवीन का बेहद लाडला था। इसी वजह से उसकी मौत के बाद शाइस्ता के बेटे के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

2023 में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के समय आबान नाबालिग था। उसी दौरान शाइस्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गई थीं। इसके बाद से पुलिस और जांच एजेंसियां उनकी तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल सका है।

करीब तीन साल बाद बेटे की मौत के बाद शाइस्ता के जनाजे में पहुंचने की संभावित खबर ने एक बार फिर पुलिस और स्थानीय लोगों का ध्यान उनकी ओर खींच लिया।

शाइस्ता के अलावा ये महिलाएं भी फरार

शाइस्ता परवीन के अलावा अतीक अहमद की बहन आइशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब भी अब तक फरार बताई जाती हैं। पुलिस इनकी तलाश में भी जुटी हुई है।

आबान के जनाजे के दौरान पुलिस को आशंका थी कि शाइस्ता अपने बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सामने आ सकती हैं। इसी को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहा और गांव में निगरानी बढ़ाई गई।

अतीक के एक और बेटे की हो चुकी है मौत

अतीक अहमद के परिवार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई बड़ी त्रासदियां हुई हैं। उसके बेटे असद की 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। अब अतीक के सबसे छोटे बेटे आबान की भी सड़क हादसे में जान चली गई।

बताया गया कि आबान की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में सोनू नाम के एक व्यक्ति की भी मौत हुई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं।

अतीक के दो अन्य बेटे उमर और अली अलग-अलग जेलों में बंद हैं। वहीं, शाइस्ता परवीन अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

फिलहाल पुलिस का स्पष्ट कहना है कि आबान के जनाजे में शाइस्ता परवीन के पहुंचने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए बेटे के अंतिम दर्शन के लिए उनके गुपचुप तरीके से पहुंचने की चर्चा फिलहाल सिर्फ अटकलों तक सीमित है।

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