
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन में पहुंच गया। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच आज सातवें दौर की बातचीत होगी। प्रदर्शनकारी छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं। भूख हड़ताल भी 15वें दिन में प्रवेश कर गई है।
17 अगस्त को दोपहर 2 बजे होगी वार्ता
झारखंड सरकार ने आंदोलन कर रहे छात्रों को सोमवार 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया है। यह निर्णय जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी और अपर जिला मजिस्ट्रेट की बैठक के बाद लिया गया।
एक अधिकारी के मुताबिक छात्रों को उनके कानूनी सलाहकार के साथ वार्ता में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे पहले 9 अगस्त को सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल सका था।
छह दौर की बातचीत रही बेनतीजा
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी भी दौर में सहमति नहीं बन सकी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने सरकार की ओर से दोबारा बातचीत के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
हालांकि मंच का कहना है कि बातचीत के बावजूद छात्र अपनी मुख्य मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराई जाए और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जाए।
दो मांगों पर अडिग हैं छात्र
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि छात्र कानूनी सलाहकार की मौजूदगी में सरकार से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं, लेकिन उनकी दो प्रमुख मांगें स्पष्ट हैं।
पहली मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और दूसरी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करना है। सरकार के साथ बातचीत करने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल में कितने सदस्य शामिल होंगे, इसकी जानकारी सोमवार को दी जाएगी।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने का ऐलान
छात्र नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने की घोषणा भी की है। ऐसे में सोमवार की वार्ता को आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूख हड़ताल के 15वें दिन स्थिति नाजुक
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रविवार देर रात सोशल मीडिया मंच पर वीडियो जारी कर कहा कि भूख हड़ताल 15वें दिन में पहुंच गई है और स्थिति बेहद नाजुक दौर में है। उन्होंने सरकार की ओर से बातचीत के लिए बुलाए जाने का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि वार्ता का परिणाम सकारात्मक होगा।
महतो ने कहा कि छात्र ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जिसमें आने वाली पीढ़ी को उन संघर्षों से न गुजरना पड़े जिनका सामना आज के युवा कर रहे हैं। उनका जोर शिक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार पर है, ताकि विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के लिए लंबे आंदोलन का सहारा न लेना पड़े।
आज की वार्ता पर टिकी नजर
24 दिनों से जारी आंदोलन और 15 दिनों की भूख हड़ताल के बीच सरकार और छात्रों की सातवीं वार्ता अहम मानी जा रही है। एक ओर सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, वहीं छात्र अपनी दोनों प्रमुख मांगों पर कायम हैं। ऐसे में अब निगाहें आज होने वाली बैठक के नतीजे पर हैं।



