उत्तर प्रदेशराज्य

UP: वाराणसी को मिलेगी बड़ी सौगात, 200 करोड़ से बनेगा प्रदेश का पहला इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल; एक साथ 10 हजार यात्री संभालने की क्षमता

वाराणसी: उत्तर प्रदेश को जल्द ही अपना पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल मिलने जा रहा है। वाराणसी के सामनेघाट में करीब दो एकड़ जमीन पर इस टर्मिनल का निर्माण कराया जाएगा। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम इसके लिए दो एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगा। टर्मिनल बनने के बाद देश-विदेश से आने वाले बड़े जहाजों और मालवाहक जहाजों के ठहराव की सुविधा होगी। इसके जरिए पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ जल परिवहन के माध्यम से हल्दिया तक आवाजाही और व्यापार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

एक समय में 10 हजार यात्रियों की होगी क्षमता

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक संजीव कुमार के मुताबिक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। सामनेघाट में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल में एक साथ करीब 10 हजार यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। यात्रियों की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए यहां इमिग्रेशन और कस्टम काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, सामान की जांच के लिए स्कैनर, सुरक्षा जांच काउंटर, सीसीटीवी निगरानी और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली जैसी व्यवस्थाएं होंगी।

यात्रियों के लिए लाउंज से लेकर ड्यूटी-फ्री शॉप तक सुविधा

टर्मिनल परिसर में यात्रियों के लिए पैसेंजर लाउंज, सामान ढोने के लिए ट्रॉली, इलेक्ट्रिक बग्गी, शौचालय और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे। इसके अलावा कैफेटेरिया और ड्यूटी-फ्री खरीदारी के लिए व्यावसायिक स्थान भी उपलब्ध होगा। यात्रियों के वाहनों के लिए पार्किंग और प्रीपेड टैक्सी की सुविधा भी प्रस्तावित है। टर्मिनल को दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनुकूल बनाया जाएगा। फिलहाल मुख्यालय स्तर पर परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

कोच्चि के क्रूज टर्मिनल से करीब 3.6 गुना बड़ा होगा वाराणसी का टर्मिनल

वाराणसी में बनने वाला प्रस्तावित क्रूज टर्मिनल क्षेत्रफल के लिहाज से कोच्चि के सागरिका क्रूज टर्मिनल से काफी बड़ा होगा। कोच्चि में 2,253 वर्गमीटर क्षेत्र में क्रूज टर्मिनल बनाया गया है, जहां इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम काउंटर, बैगेज स्कैनर, लाउंज, ड्यूटी-फ्री दुकान और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसके मुकाबले सामनेघाट में करीब दो एकड़ यानी 8,094 वर्गमीटर क्षेत्र में टर्मिनल विकसित किया जाएगा। इस हिसाब से वाराणसी का प्रस्तावित टर्मिनल क्षेत्रफल में कोच्चि के टर्मिनल से करीब 3.6 गुना बड़ा होगा।

व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल के निर्माण से वाराणसी के जल परिवहन और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। टर्मिनल शुरू होने के बाद देश और विदेश के साथ जलमार्ग के जरिए व्यापार की संभावनाएं बढ़ेंगी। जिन वस्तुओं का परिवहन अब तक पानी के रास्ते नहीं हो पा रहा था, उनके लिए भी भविष्य में नए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है।

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