
नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण वजन बढ़ना, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में संतुलित आहार को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना के भोजन में हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और फाइबर के साथ नट्स और बीज शामिल करना भी फायदेमंद हो सकता है। पोषक तत्वों से भरपूर ऐसे बीजों में अलसी प्रमुख है। आकार में छोटे दिखने वाले अलसी के बीज कई जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत माने जाते हैं।
फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर है अलसी
अलसी में फाइबर, प्रोटीन, थायमिन और पौधों से मिलने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड अल्फा लिनोलेनिक एसिड यानी एएलए पाया जाता है। एएलए शरीर के लिए जरूरी वसा का एक प्रकार है और शरीर में सूजन से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से अलसी को सूजन कम करने वाली संभावित खूबियों वाले खाद्य पदार्थों में शामिल किया जाता है। हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता। संतुलित आहार के हिस्से के तौर पर ही इसके संभावित स्वास्थ्य लाभ लिए जा सकते हैं।
जोड़ों के दर्द और सूजन में भी हो सकती है मदद
जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान लोगों के लिए भी अलसी उपयोगी हो सकती है। गठिया जैसी स्थितियों में शरीर में सूजन की भूमिका रहती है और अलसी में मौजूद एएलए सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है। कुछ अध्ययनों में अलसी के सेवन से सूजन से जुड़े संकेतकों में सुधार की संभावना सामने आई है।
हालांकि लंबे समय तक जोड़ों में दर्द, सूजन या अकड़न बनी रहे तो केवल अलसी पर निर्भर रहना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराकर सही उपचार लेना जरूरी है।
दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है
अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड के अलावा घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह का फाइबर पाया जाता है। पर्याप्त फाइबर वाली डाइट रक्त में एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। कुछ शोधों में अलसी के सेवन को रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जैसे हृदय रोग के जोखिम कारकों में संभावित सुधार से जोड़ा गया है।
हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। आहार, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति भी इस पर असर डालती है।
वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकता है फाइबर
अलसी में मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा करने और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है और कुल कैलोरी सेवन को नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है। इसी वजह से वजन प्रबंधन की कोशिश कर रहे लोगों के संतुलित आहार में अलसी को शामिल किया जाता है।
हालांकि केवल अलसी खाने से वजन कम नहीं किया जा सकता। वजन प्रबंधन के लिए संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
किसे बरतनी चाहिए सावधानी?
अलसी को किसी बीमारी का इलाज या वजन घटाने का अकेला उपाय नहीं समझना चाहिए। इसे सीमित और संतुलित मात्रा में आहार का हिस्सा बनाना बेहतर है। किसी विशेष बीमारी से पीड़ित व्यक्ति या नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।



